क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार की कार्रवाई क्षमता से ज्यादा यात्री बिठाने पर कार्रवाई; दस साल में पहली बार निरस्त हुए छह यात्री बसों के स्थायी परमिट
सीधी बस हादसे के बाद यात्री बसों की जांच के लिए शूरू किए गए अभियान के 8वें दिन बुधवार को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार ने ग्वालियर-चंबल संभाग में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरैना की 6 बसों के स्थायी परमिट निरस्त कर दिए।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार ने पिछले दस साल में इस तरह की कार्रवाई पहली बार की है। जिन बसों के स्थायी परमिट निरस्त किए गए हैं, उन्हें परिवहन विभाग की संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान मुरैना आरटीओ अर्चना परिहार ने सीट क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने के कारण पकड़ा था। जिसके बाद आरटीओ ने 9 बसों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव परिवहन प्राधिकार के पास भेजा।
इस पर डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और प्राधिकार के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने 6 बसों के स्थायी परमिट निरस्त करने के निर्देश जारी कर दिया है। ऐसी बस मुरैना से ग्वालियर, मुरैना से सबलगढ़ और बामसोली से मुरैना रूट पर चल रहीं थीं। बाकी तीन बसों के मामले की जांच की जा रही है।
अब तक... सिर्फ परमिट निलंबन की कार्रवाई होती रही है
परिवहन विभाग के अफसराें के अनुसार अभियान चलाकर जिन बसों को पकड़ा गया था। उनका परमिट निरस्त करने की कार्रवाई 10 साल के दौरान पहली बार हुई है। अभी तक बसों में ओवरलोडिंग मिलने के मामले में केवल एक से दो महीने तक परमिट निलंबन की कार्रवाई होती थी।
परमिट की शर्तों का उल्लंघन
स्वीकृत क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाना सीधे तौर पर परमिट नियमों का उल्लंघन है। इस नियम के तहत ऐसी बसों के स्थायी परमिट निरस्त किए गए हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि जिन बसों के परमिट निरस्त हुए हैं। वे अब दोबारा परमिट लेने के लिए आवेदन करेंगे। अब प्राधिकार उन्हें दोबारा परमिट देता है या नहींं, यह उसकी मंशा पर निर्भर करता है।
6 बसों के परमिट निरस्त किए गए हैं-
आरटीओ मुरैना के प्रस्ताव पर 6 बसों के परमिट निरस्त किए गए हैं। ऐसी बसों को परिवहन अमले ने ओवरलोडिंग करते हुए पकड़ा था।
-अरुण कुमार सिंह, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, ग्वालियर एवं चंबल संभाग