रेलवे स्टेशन पर तीन लिफ्ट शुरू, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी राहत
चार साल के इंतजार के बाद रेलवे स्टेशन की तीनों लिफ्ट रविवार को चालू हो गई हैं। प्लेटफार्म नंबर 4 और 2-3 की लिफ्ट एक साल पहले तैयार हो गईं थीं। जबकि प्लेटफार्म नंबर एक की लिफ्ट 17 जुलाई 2020 को तैयार हुई, लेकिन कोरोना के चलते इनका लोकार्पण नहीं हो सका था। रविवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इन लिफ्ट का ऑनलाइन लोकार्पण किया। इसके बाद सांसद विवेक नारायण शेजवलकर और डीआरएम संदीप माथुर ने फीता काटा।
लिफ्ट चालू होने से दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ऑपरेटर रखा गया है, जो तीनों लिफ्ट की देखरेख करेगा। यात्रियों को इन लिफ्ट को खुद ऑपरेट कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाना होगा। लोकार्पण में राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक विनय त्रिपाठी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा समारोह में मौजूद रहे।
गौरतलब है कि तीनों लिफ्ट 92 लाख रुपए की लागत से लगाई गईं। प्लेटफार्म-1 पर लिफ्ट जनरल टिकट बुकिंग कार्यालय वाले गेट के बगल व एस्केलेटर के पीछे लगी हुई है। प्लेटफार्म 2-3 पर एस्केलेटर के पास लिफ्ट लगी है। जबकि प्लेटफार्म 4 पर ऊंचाई वाले आरओबी के पास लिफ्ट लगी है। अभी प्लेटफार्म नंबर 1 और 2-3 पर एस्केलेटर लगा है, लेकिन इसके बंद रहने से यात्रियों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। रेलवे अफसरों का दावा है कि स्टेशन के तीनों प्लेटफार्म पर लिफ्ट 24 घंटे चालू रहेंगी।
एक लिफ्ट में एक साथ 15 यात्री तक जा सकते हैं। कार्यक्रम में डीआरएम ने डिप्टी एसएस दिनेश निचरेले की तारीफ की। हाल में बिलासपुर से ग्वालियर आ रही एक यात्री के 3 लाख रुपए से अधिक कीमत के जेवरात ट्रेन में छूट गए थे। इस यात्री की मदद डिप्टी एसएस ने की थी। कार्यक्रम के दौरान सीनियर डीसीएम विपिन दीक्षित, स्टेशन प्रबंधक गजेंद्र सिंह राठौड़, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मैन पावर प्लानिंग अनिल श्रीवास्तव, सीसीआई अखिलेश त्रिपाठी, सीबीएस वायके मीणा, टेलीकॉम के इंजीनियर ज्ञानेंद्र सिंह और शैलेंद्र दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।