परिवहन आयुक्त सड़क पर उतरे बिना परमिट ग्वालियर से दिल्ली जा रही बस पकड़ी, 52 की जगह 60 यात्री सवार थे

सीधी बस हादसे में बाद ओवरलाेड बसाें के खिलाफ कार्रवाई के लिए शुक्रवार काे सड़क पर उतरे परिवहन आयुक्त मुकेश कुमार जैन ने पुरानी छावनी के पास ग्वालियर-मुरैना मार्ग पर बिना परमिट के ग्वालियर से दिल्ली जा रही यात्री बस काे पकड़ा। मुरैना में राघवेंद्र सिंह ताेमर के नाम पर पंजीकृत बस एमपी 06 पी 0438 में 52 सीटाें पर 60 यात्री सवार थे। ग्वालियर से दिल्ली तक का सफर तय करने में इस बस काे चार राज्याें से हाेकर गुजरना हाेता है, लेकिन किसी ने इसके खिलाफ काेई कार्रवाई नहीं की।

पकड़े जाने पर बस के परिचालक राकेश तिवारी का कहना था कि बस का परमिट दाे महीने पहले ही खत्म हुआ है। परिवहन आयुक्त ने मुरैना रोड पर 35 बसों की जांच की। इनमें से 8 में गड़बड़ी मिली। इनमें भी 4 में क्षमता से अधिक यात्री बैठे मिले। एक बस बिना परमिट थी। एक बस का मूल परमिट नहीं दिखाने और एक पर टैक्स जमा न करने पर 7 बसाें काे जब्त किया गया, जबकि एक पर जुर्माना किया गया।

दतिया में 50 बसें चेक कीं, 3 को किया जब्त

दतिया| परिवहन आयुक्त मुकेश जैन शुक्रवार को दतिया आए। उन्होंने ग्वालियर-झांसी हाइवे स्थित कलापुरम के पास दतिया के अलावा ग्वालियर-झांसी रूट पर चलने वालीं 50 यात्री बसों को चेक किया। ओवरलोड मिलने पर 17 बसों के चालान काटे और कुल 46 हजार रुपए का चालान वसूला। इसके अलावा एक बस से 33 हजार रुपए बकाया टैक्स वसूल किया। तीन बसों को जब्त किया गया। इनमें से दो बसें ओवरलोड थीं जबकि एक बस परमिट से अलग दूसरे रूट पर संचालित पाई गई।

जीपीएस से कार्यालय में बैठकर जांच कर सकते हैं

1 अप्रैल 2018 से यात्री बसों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य है। सभी यात्री बसों में जीपीएस लगा भी है। लेकिन राज्य शासन ऐसी बसों की मॉनीटरिंग के लिए अब तक कंट्राेल रूम नहीं बना सका है। ये राज्य शासन की विफलता है। यदि कंट्रोल रूम बन जाए तो प्रत्येक बस की जांच कार्यालय से बैठकर की जा सकती है ।
-एमपी सिंह, सेवानिवृत्त, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी