पैदल चलने पर यात्रियों में आक्रोश 32 सीटर बस में सवार थे 65 यात्री, आरटीओ ने जब्त की गाड़ी, कोई पैदल गया तो किसी ने ली लिफ्ट

सड़क पर परिवहन विभाग की चेकिंग के बाद लोगों में गुस्सा भड़क रहा है। मुरैना रोड पर शुक्रवार दोपहर एक 32 सीटर बस को चेकिंग में पकड़ा गया। बस में 65 यात्री सवार थे। तत्काल बस को खाली कराकर जब्त कर लिया। बस में सवार यात्री आक्रोशित हो गए। बस में सवार एनजीओ संचालक रश्मि दुबे का कहना था कि उन्हें अर्जेंट मुरैना जाना था। बस वाले को पूरा किराया दिया है। बीच में आपने चेकिंग में बस पकड़कर खाली करा दी। अब हम परेशान हो रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। वह काफी देर तक परिवहन विभाग के अफसरों से बहस करती रहीं। आखिर में पैदल ही सफर करना पड़ा। शुक्रवार दोपहर तक मुरैना रोड पर 20 बसों में चेकिंग की गई, जिनमें 7 ओवरलोड, बिना परमिट के पाई गईं।

सीधी बस हादसे में 53 लोगों की मौत के बाद से परिवहन विभाग हर दिन हाइवे पर चेकिंग कर रहा है। हाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। इसी सिलसिले में शुक्रवार को भी परिवहन आयुक्त मुकेश जैन परिवहन के उड़न दस्तों के साथ चेकिंग करते नजर आए। परिवहन की टीमें सुबह से ही मुरैना रोड पर पहुंच गईं। यहां मुरैना, धौलपुर, आगरा की ओर जाने वाली बसों को रोककर दस्तावेज, वाहन क्षमता और बैठाए गए यात्रियों की संख्या को चेक किया गया। दोपहर तक 20 वाहनों को चेक किया था, जिनमें 7 ओवरलोड और बिना परमिट के चलते मिले थे। इनको खाली कराकर जब्त किया गया और थाना में रखवाया गया है।

इन बसों को किया जब्त

चेकिंग के दौरान मुरैना रोड पर एमपी 06 पी-0445 में 36 की जगह मिली 65 सवारी, एमपी 06 पी-0249 में मिली 55 सवारी, एमपी 06 पी-0517 में मिली 45 सवारी, एमपी 06 पी-1794 में 44 यात्री मिले। वहीं बिना परमिट के दौड़ रही बस एमपी 06 पी 0438 व बिना फिटनेस के यूपी 70 एटी-8595, बिना टैक्स के चलते मिली बस क्रमांक एमपी 06 पी-0705 को जब्त कर थाने पहुंचा दिया।

पैदल जाना पड़ा, तो आया गुस्सा

चेकिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को मुरैना या धौलपुर जाना था, उन्हें रास्ते में ही उतरना पड़ा। मुरैना रोड पर एनजीओ संचालक रश्मि दुबे ने परिवहन आयुक्त से काफी देर बहस की। उनका कहना था कि आप कार्रवाई कर रहे हो ठीक है, लेकिन कुछ व्यवस्था तो बनाओ। हमने पूरा किराया बस वाले को दिया। आपने गाड़ी जब्त कर थाने पहुंचा दी। अब हम लोग पैदल जाने को विवश हैं। हाइवे पर कोई घटना हो जाए, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। चेकिंग करनी है, तो बस स्टैंड से करो, जिससे लोगों का समय और पैसा बचेगा।

बेटी को लेकर हाइवे पर खड़े हैं परेशान हो रहे

ग्वालियर के रामबाबू सिंह का दामाद एयरफोर्स में है। अभी राजस्थान में पदस्थ है। वह बेटी को छोड़ने जा रहे थे। वह ग्वालियर से आगरा के लिए जिस बस में सवार हुए उसमें 32 सीट पर 55 यात्री सवार थे। रायरू पर परिवहन विभाग ने उसे जब्त कर लिया। अब रामबाबू का कहना था कि वह अपनी बेटी के साथ हाइवे पर फंसे हैं। पूरा सामान सड़क पर रखकर बस का इंतजार कर रहे हैं। चेकिंग करने वालों को व्यवस्था करनी चाहिए।