सीधी दौरे पर गए शिवराज से बोला परिवार- सस्पेंड नहीं, रोड और पुलिसवालों को बर्खास्त करिए; इधर प्रदेशभर में 'दिखावे' की RTO चेकिंग शुरू
सीधी में मंगलवार को हुए बस हादसे में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार दोपहर करीब 2.15 बजे सीधी के रामपुर नैकिन पहुंचे। CM चौहान बस हादसे में मृत लोगों के घर पहुंचे और परिजनों को ढाढस बंधाया। कुछ जगह परिजन उनसे लिपटकर रो पड़े तो शिवराज भावुक हो गए। इस दौरान उन्हें परिवार के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। एक परिवार ने जाते-जाते उनसे कहा कि रहम मत कीजिए। सस्पेंड करना समाधान नहीं। जिम्मेदार रोड और पुलिसवालों को पद से हटाइए।
इधर, हादसे के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन ने बसों की चेकिंग शुरू कर दी है। बुधवार को जांच के दौरान दो बसें भी जब्त की गईं। अमूमन हादसे के बाद कार्रवाई की रस्म अदायगी हर सरकार कराती रही है। अभी तक दो बसें जब्त की हैं।
मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित गुप्ता परिवार से मुलाकात की। सीएम ने संवेदना व्यक्त कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस पर परिवार ने कहा, 'अगर सड़क जाम नहीं होती, तो हमारे बच्चे और पत्नी जिंदा होती, सड़क बनवा दीजिए। जो मेरे साथ हादसा हुआ, किसी और परिवार के साथ ना हो।' सुरेश गुप्ता अपनी बहू पिंकी और पोते अथर्व के साथ सफर कर रहे थे। सुरेश बच गए, जबकि बहू-पोता नहर में डूब गए।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं हादसे के दिन ही घटनास्थल पर जाना चाहता था, लेकिन वहां रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। ऐसे समय पर जाने में अभियान में व्यवधान होता है। मेरे दो मंत्री साथी तुलसी सिलावट और रामखेलावन पटेल मौके पर गए थे।' उन्होंने कहा कि मैं सीधी जिले के उन गांवों में जाकर मृतकों परिजनों से भेंट करूंगा और जानकारी लूंगा।
उन्होंने आगे कहा कि हादसे में जो बेटे-बेटी और भाई-बहन चले गए, उनकी जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन परिजनों की जिंदगी कैसे आसान बने, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। मैं घटना के मूल कारणों तक जाने की कोशिश करूंगा।
मुख्यमंत्री बस हादसे में मृत विमला द्वेदी के घर भी पहुंचे। यहां उनकी दोनों बेटियां मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगीं। इस दौरान सीएम भी भावुक हो गए। विमला की बेटी स्वर्ण लता ने सीएम से कहा कि मां मुझे एएनएम की परीक्षा दिलाने ही जा रही थी। उसका सपना था, मैं नर्स बन जाऊं। मैं तो बच गई, लेकिन मां चली गई। परिवार वालों ने कहा कि मां का बलिदान बेकार नहीं जाना चाहिए।
अचानक तय हुआ दौरा
सीएम रीवा से रामपुर नैकिन के बाद चुरहट, पचोखर, पड़रिया, कुकरझर, सीधी भी जाने वाले हैं। वह मृतकों के परिजनों से बात करेंगे। मुख्यमंत्री का आज सुबह तक सीधी जाने का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन दोपहर 12 बजे उन्होंने मंत्रालय में हाेने वाली सभी बैठकों को निरस्त कर सीधी जाने का फैसला लिया।
सीधी रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में वन अफसरों की एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए थे। इसके बाद मंत्रालय में श्रम विभाग, श्रम विद्यालय की स्थिति, हेरिटेज शराब नीति, तकनीकी शिक्षा विभाग और मड़िखेड़ा जल प्रदाय योजना शिवपुरी की समीक्षा बैठक करने वाले थे।
हादसे के बाद जागा आरटीओ, अवैध रूप से दौड़ रहीं दो बसें जब्त
सीधी बस हादसे में 51 लोगों की मौत के बाद आरटीओ उड़नदस्ते ने बुधवार को यात्री बसों की चेकिंग शुरू कर दी। सुबह 10 बजे से सड़क पर बसों का चेकिंग अभियान शुरू किया गया। सुबह 11:30 बजे तक भोपाल, सीहोर, इंदौर मार्ग पर बिना फिटनेस, बीमा के दौड़ रही दो बसों को जब्त कर लिया। शाम छह बजे तक लगातार रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद रोड पर बसों का चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले में बड़ा हादसा होने से बच गया। काफिले में शामिल सीधी एसपी की गाड़ी ने मंत्री रामखेलावन पटेल की गाड़ी को टक्कर मार दी। इसके बाद मंत्री की गाड़ी ने आईजी रीवा की गाड़ी को मारी टक्कर मार दी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई।