ग्वालियर में किसानों ने ट्रैफिक रोका; इंदौर में 20 किसान ही जुटे, उज्जैन में सड़क पर रोटियां सेंककर लौटे
कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने शनिवार को मध्य प्रदेश में चक्काजाम किया। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन में आंदोलन की औपचारिकता निभाई गई। वहीं, भोपाल में आंदोलन नहीं हो रहा है। इंदौर में आंदोलन तो हुआ, लेकिन किसानों की संख्या इतनी नहीं थी कि वे हाईवे को जाम कर सकें। यहां सिर्फ 15 से 20 किसान ज्ञापन सौंपकर किनारे हो गए। उज्जैन में चक्काजाम के दौरान सड़क पर ही चूल्हा बनाकर रोटी बनाई और डेढ़ घंटे में आंदोलन समाप्त कर दिया। जबलपुर में डेढ़ बजे एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन समाप्त कर दिया गया। ग्वालियर में दो जगहों पर हाईवे जाम किया गया।
इंदौर: राऊ पिगडंबर एबी रोड पर 15 से 20 किसान पहुंचे
किसानाें के समर्थन में इंदौर में भी महाराणा प्रताप चौराहा, राऊ पिगडंबर एबी रोड पर दोपहर में किसानों ने हाईवे को जाम करने की घोषणा की थी। दोपहर 1 बजे तक 15 से 20 किसान यहां पहुंचे और हाईवे जाम करने के लिए सड़क पर बैठ गए। हालांकि किसानों की इतनी संख्या नहीं थी कि सड़क पर आवाजाही को रोकी जा सके। यातायात बिना बाधा के चलता रहा। इसके बाद सड़क पर बैठे इन किसानों ने वहां मौजूद अधिकारी को कृषि कानून वापस लेने के लिए एक ज्ञापन दिया। किसानों से ज्यादा संख्या में पुलिस और मीडियाकर्मी हाईवे पर मौजूद थे।
उज्जैन: आगर रोड और चंदेसरा गांव के पास डेढ़ घंटे में चक्काजाम खत्म
यहां लगभग डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया। उज्जैन में प्रदर्शन के दौरान महंगाई का भी मुद्दा उठा। कांग्रेस पार्षद माया राजेश त्रिवेदी ने कहा गैस सिलेंडर के दाम रोज बढ़ रहे हैं। घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है इसलिए सड़क पर चूल्हा जला कर रोटियां सेंकी गईं। इसके बाद चक्काजाम आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए यातायात मार्ग परिवर्तित किए गए थे।कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी ने बताया आगर रोड स्थित सोया चौपाल के पास और देवास रोड पर चंदेसरा गांव के पास सड़क जाम की गई है। एसपी सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। आगर की ओर से आने वाले वाहनों को ढाबला रहवारी और MR-5 की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है। प्रदर्शन में विधायक रामलाल मालवीय, जिला अध्यक्ष महेश सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष कमल पटेल, बटुक शंकर जोशी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।
भोपाल: किसान नेता शहर से बाहर, खातेगांव पहुंचे
भोपाल में पुलिस की दबाव बनाने की रणनीति कामयाब हुई है, क्योंकि यहां पर कोई भी संगठन खुलकर चक्काजाम करने की बात लेकर सामने नहीं आया। किसान नेताओं का भी कहना है कि सभी प्रमुख और बड़े किसान नेता शहर से बाहर हैं। वे खातेगांव में महापंचायत कर रहे हैं। ऐसे में राजधानी में प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए कोई बड़ा नेता नहीं है, इसलिए यहां पर चक्काजाम या बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ।
सागर: गमी होने से किसानों का प्रदर्शन नहीं हुआ
कृषि कानूनों के विरोध में रहली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन होना था। कांग्रेस नेता कमलेश साहू ने बताया कि क्षेत्र के दमोह रोड स्थित रोन गांव में हाईवे पर यह विरोध प्रदर्शन किया जाना था। जिसमें गढ़ाकोटा और रहली के किसानों को शामिल होना था, लेकिन क्षेत्र के एक किसान परिवार में गमी होने से यह प्रदर्शन रोक दिया गया है। कांग्रेस ने यहां सिर्फ 10 मिनट प्रदर्शन कर खत्म कर दिया।
जबलपुर: ज्ञापन सौंपकर समाप्त किया आंदोलन
जबलपुर में खजरी खिरिया बायपास पर किसान सेवा संगठन व किसान महासंघ ने संयुक्त रूप से कटंगी बायपास पर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन डेढ़ बजे समाप्त हो गया। इस प्रदर्शन में दोनों संगठनों के 200 की संख्या में लोग शामिल हुए थे। वहीं गोहलपुर सब्जी मंडी में तीन बजे प्रदर्शन रैली निकाली जाएगी।
जबलपुर के पाटन में कांग्रेस की ओर से एक किमी लंबी ट्रैक्टर रैली निकाली गई। इस रैली में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी ने अगुवाई की। वहीं कांग्रेस के नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव सहित वर्तमान विधायक लखन घनघोरिया, विनय सक्सेना, संजय यादव भी शामिल हुए हैं।
ग्वालियर: बड़ा गांव, रायरू और मोहना के पास हाईवे पर जाम
ग्वालियर में किसान आंदोलन के तहत हाइवे चक्काजाम को ठीक 3 बजे समाप्त कर दिया गया। यहां दो जगह बड़ागांव, रायरू में जाम लगाया गया था। इसके अलावा देहात में मोहना हाइवे पर जाम लगाया गया था। बड़ागांव हाइवे पर ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार, पूर्व विधायक रामवरन सिंह गुर्जर, कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, कांग्रेस नेता सुनील शर्मा प्रदर्शन में शामिल हुए।