घने कोहरे में छिपा शहर,पास का भी नहीं दिख रहा था, बर्फीली हवा से बढ़ी ठिठुरन, अलाव के सहारे बीता दिन

हवा का रुख बदलते ही शहर का मौसम भी बदल गया है। शुक्रवार को शहर घने कोहरे में छिपा नजर आया है। कोहरा इतना घना था कि रात को पास का भी नहीं दिख रहा था। 15 मीटर तक दृश्यता रह गई थी। जिस कारण वाहन 20 से 30 प्रति घंटे की स्पीड से ही चले हैं। साथ ही बर्फीली हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। कोहरा से यातायात प्रभावित हो रहा है वहीं ठंड बढ़ने से सड़कों पर आम दिनों की तुलना में चहल पहल कम हो गई है।

वैसे तो जनवरी महीने के आखिर में ठंड कम होना शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार का मौसम अजीब ही हो रहा है। जब सर्दी कम होनी थी तभी बढ़ रही है। मौसम विभाग से वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर से पश्चिमी विक्षोभ होकर गुजरा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में चक्रवातीय घेरा बना था वो भी अब कमजोर पड़ चुका है। यही कारण है कि अरब सागर की ओर से हवा में नमी आ गई है। यही नमी कोहरा बनकर छा रही है। अभी एक या दो दिन कोहरा बढ़ सकता है।

हवा ने बढ़ाई ठंड, ठिठुरे शहरवासी

बीते दिन पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश हुई है। यही कारण है देर शाम हवा का रुख उत्तर से उत्तर पूर्वी हो गया था। गुरुवार रात को हवा में नमी आने से घना कोहरा छा गया। साथ ही रात का पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जिस पर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा है। लोग अलाव के सहारे बैठे नजर आए हैं

150 कंबल बांटे

कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे सोने वालों के लिए गुरुवार रात को खुद कलेक्टर ग्वालियर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कंबल बंटवाए हैं। रात को मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, एजी ऑफिस पुल के नीचे, रेलवे स्टेशन, पड़ाव बस स्टैंड सहित एक दर्जन स्थानों पर 150 कंबल बांटे गए हैं।