125 चौराहों पर 569 सीसीटीवी कैमरे, इनमें से 100 खराब, बाकी अंधेरे में बेकार
शहर में लगातार चाेरी की घटनाओं होने के बाद भी चाेर गिराेह क्याें नहीं पकड़े जा रहे? दैनिक भास्कर इस सवाल का जवाब तलाशने निकला ताे शहर की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था का सच भी सामने आ गया। दरअसल, शहर में पुलिस तिराहे-चाैराहाें पर लगे जिन सीसीटीवी कैमराें के जरिए चप्पे-चप्पे की निगरानी का दावा करती है, हकीकत में वह किसी काम के नहीं हैं।
शहर के 125 स्थानाें पर लगे 569 कैमराें से करीब 100 ताे खराब ही हैं। जाे चालू हैं, वे अंधेरे में किसी काम के नहीं। यह कैमरे नाइट विजन तकनीक से लैस नहीं हैं। ये सिर्फ 2 मेगा पिक्सल के हैं इसलिए रात में इनमें रिकाॅर्ड हाेने वाले फुटेज इतने धुंधले हाेते हैं कि महज 10 फीट की दूरी से निकले चाेर काे भी पहचाना नहीं जा सकता है और न ही चुराई गई गाड़ी ढूंढ़ी जा सकती है।
नगर निगम के 70 कैमरों का पुलिस के पास पासवर्ड नहीं
शहर में नगर निगम के 70 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। 4 मेगा पिक्सल के इन कैमराें की क्वालिटी पुलिस कैमरों से बेहतर है। इसका डीवीआर पुलिस कंट्रोल रूम में है, लेकिन इन कैमरों के फु़टेज देखने के लिए पुलिस को एक्सेस पासवर्ड ही नहीं दिया गया है।
केबल भी खराब हुई तो भोपाल से मंगाते हैं, लग जाते हैं कई दिन
शहर में लंबे समय से खराब पुलिस के 100 कैमराें की अफसराें ने सुध नहीं ली है। पुलिस ने 2015 में हनीवैल कंपनी से कैमरे लगवाए थे। पांच साल की अवधि पूरी हाेने के कारण इनकी गारंटी खत्म हाे चुकी है।
नतीजा- अब कैमरे या केबल खराब हाेती है ताे पुलिस अफसराें काे भोपाल पत्राचार करना पड़ता है और वहीं से सामान आता है। इसमें कई दिन लग जाते हैं। सीसीटीवी सर्विलांस रूम के कर्मचारियों के मुताबिक कैमरे लगाने वाली कंपनी अब सामान की उपलब्धता के आधार पर सर्विस देती है। यह सुविधा भी मार्च 2021 तक ही मिलेगी।
किस महीने, कितने का माल चोरी
माह माल की कीमत बरामदगी लूट
जनवरी 13669097 1620889 7 फरवरी 11013119 554830 9 मार्च 5792707 343780 7 अप्रैल 16425650 6538000 2 मई 4255600 1365700 5 जून 8603968 1104150 11 जुलाई 6716490 2200490 14 अगस्त 7179115 3576080 3 सितंबर 13537600 3407500 5 अक्टूबर 8597219 6923500 9 नवंबर 9080790 1005530 5 दिसंबर 9380350 1431000 6
अब हम निगम के कैमरों का एक्सेस ले रहे हैं
कैमरों की गारंटी खत्म हो गई है। इसके लिए ओएमसी दोबारा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रात में कैमरों के फुटेज थोड़े धुंधले हो जाते हैं। इसके लिए हम निगम के कैमरों का एक्सेस ले रहे हैं।
-अमित सांघी, एसपी
सारे कैमरे नहीं लगे इसलिए नहीं दिया पासवर्ड
अभी कंपनी ने सारे कैमरे नहीं लगाए हैं इसलिए डीवीआर एक्सेस का पासवर्ड पुलिस को नहीं दिया गया है। इस बारे में कंपनी से चर्चा करेंगे।
-नागेंद्र सक्सैना, आईटी प्रभारी, नगर निगम