विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान है। विभिन्न राज्यों की समृद्ध विरासत भारत को वैश्विक विशिष्टता प्रदान करती है। अनेक भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद हमारी राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण है। उन्होने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना की सराहना करते हुए इस भावना को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सभी की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया है।
राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को उनके राज्यों के स्थापना दिवस की बधाई दी। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। भोपाल निवासी विभिन्न राज्यों के सामुदायिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का तथा अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा का विडियो शुभकामना संदेश का प्रसारण किया गया। अंडमान-निकोबार एवं मध्यप्रदेश की गौरवगाथा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हमारी भाषाएं, पहनावे और खानपान अनेक प्रकार के हैं। लोककलाओं की विविधता हमारी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता ही इन सभी को जोड़ती हैं। इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से मध्यप्रदेश की प्रगति में योगदान दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करें। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवन में आत्मसात करें।