उत्पाद प्रदर्शनी, आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की मिसाल: राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि यह प्रदर्शनी, भारत के गाँवों की कलात्मक क्षमता, कठिन परिश्रम और आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे आयोजन, विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, खान-पान, परंपराओं और उनकी विविधताओं में समाई भारत की एकता का परिचय देते हैं। “एक भारत - श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्पाद मेले हुनरमंद कारीगरों विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नई ऊचाई देते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी का आह्वान किया कि महोत्सव में जरूर आए, उत्पादों को देखे, भारत की महान कला-संस्कृति का परिचय प्राप्त करें। उत्पादों को खरीद कर हुनरमंद कारीगरों को प्रोत्साहन और समर्थन दें।

राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को नाबार्ड और ओजस्विनी के राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री के संयुक्त आयोजन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रदर्शनी-सह-बिक्री महोत्सव का शुभारंभ किया। यह महोत्सव 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बिट्टन मार्केट के दशहरा मैदान में किया गया है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नाबार्ड कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने हुनरमंद और जरूरतमंद कारीगरों को एक मंच पर लाने के प्रयासों के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, ओजस्विनी फाउंडेशन और सहयोगियों की सराहना की। राज्यपाल श्री पटेल ने भोपाल में भारत की सांस्कृतिक विविधता, ग्रामीण कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए सभी को बधाई दी।