नियमों का पालन नहीं करने पर कलेक्टर बंद करायेगी खनन, तय सीमा के बाद खदान करे बंद, डम्पर धर्मकांटे से ही निकले
ग्वालियर. बिलौआ में अवैध खनन और तय सीमा से अधिक खनन रोकने के लिये हाईकोर्ट ने निगरानी कड़ी करने के आदेश दिये है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खनिज चोरी और अधिक खनन को रोकने के लिये धर्मकांटे, एक ही प्रवेश-निकास मार्ग, कैमरों से निगरानी वाली व्यवस्था 2 माह में लागू करने के लिये है। निर्देशों का पालन नहीं किया तो कलेक्टर उसका खनन बन्द करा सकती है, अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।
सभी रास्ते बन्द करें, एक ही मार्ग हो सकेगा आना-जाना
हर क्रेशर इलाके में आने-जाने के लिये केवल एक रास्ता रहेगा। इतना संकरा कि डम्पर धर्मकांटे को बायपास कर न निकल सके। वर्षभर में खनिज निकाले की अधिकतम सीमा तय है। सीमा पूरी होते ही खनिज ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। कलेक्टर शेष वर्ष के लिये खदान बन्द करायेगी। कैमरों से नजर खनन क्षेत्र, खनिज रखने की जगह और धर्मकांटे वाले हिस्से में 360 डिग्री उच्च क्षमता वाले कैमरे लगेंगे। कैमरे डम्परों की नम्बर प्लेट पहचान (रात में भी) कर सकेंगे और उनकी आवाजाही रिकॉर्ड होगी।
धर्मकांटा सीधे सरकारी व्यवस्था से जुड़ेगा
हर खननकर्ता को आधुनिक धर्मकांटा लगाना होगा। इसे ई-चालान, ई-खनिज पोर्टल, खनिज संचालनालय और कलेक्टर कार्यालय से जोड़ा जाएगा। इससे बाहर जाने वाले खनिज के वजन का रिकॉर्ड भी विभागों के पास रहेगा।
बिजली गई तब भी निगरानी बंद नहीं… हर कैमरे के लिए 24 घंटे का बिजली बैकअप रखना होगा। कैमरों का डेटा सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचेगा और कम से कम 90 दिन सुरक्षित रखा जाएगा।
रिपोर्ट पेश… कलेक्टर ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी है। पक्षकारों को दो सप्ताह में आपत्ति दाखिल करने का समय मिला है। जिसने आपत्ति नहीं दी, उसके बारे में माना जाएगा कि उसने रिपोर्ट स्वीकार कर ली है।