सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण के लिए 42 हजार 490 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण को गति देने के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के विस्तार के लिए केन्द्र प्रवर्तित 'समग्र शिक्षा योजना' की आगामी पांच वर्षों की निरंतरता के लिए 36 हजार 6 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की। नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के उद्देश्य से परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1 हजार 166 करोड़ रुपये तथा किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये की निरंतरता अनुमोदित की गई।

जल संसाधन के क्षेत्र में उज्जैन की चितावद, सिंगरौली की गौंड तथा अशोकनगर की चंदेरी सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए, जिससे 1 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करते हुए नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में खनिज शाखा की स्थापना के लिए 21 नवीन पदों तथा अनूपपुर व शहडोल के उन्नयित स्कूलों के लिए 36 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। साथ ही रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष सहायता दिए जाने का अनुसमर्थन और मार्कफेड को 2,220 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित योजना समग्र शिक्षा के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 36,006.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। समग्र शिक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रावधान एवं विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफलों में वृद्धि करना, शाला शिक्षा में सामाजिक एवं लैंगिक भेद को कम करना, शाला शिक्षा के सभी स्तरों पर समता एवं समावेशन सुनिश्चित करना, शाला शिक्षा के प्रावधानों में न्यूनतम मानकों को सुनिश्चित करना, शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना, निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के कार्यान्वयन में राज्य को सहायता देना और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए एस.सी.ई.आर.टी. / राज्य शिक्षा संस्थान और डाइट को नोडल एजेंसियों के रूप में सुदृढ़ीकरण और उन्नयन करना है। साथ ही सार्व-भौमिक पहुंच, समता और गुणवत्ता, शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना और शिक्षक शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ किये जाने को इस योजना के मुख्य परिणामों के रूप में निर्धारित किया गया है। समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक अध्ययनरत 4 से 18 आयुवर्ग के समस्त श्रेणी के छात्र-छात्राओं की शिक्षा का प्रावधान है।