इंदौर के विकास को मिली नई रफ्तार : लोक परिवहन के क्षेत्र में इंदौर को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में मेट्रो ट्रेन का विस्तार केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आज मेट्रो का नया चरण शुरू हुआ है और आने वाले समय में इसके और चरण पूरे होंगे। मेट्रो के माध्यम से इंदौर को उज्जैन और पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य क्रमशः आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में मेट्रो ट्रेन के नये चरण के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेट्रो के पहले चरण को मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब इसका विस्तार शहर के अंदरूनी क्षेत्रों तक हो रहा है। यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में मेट्रो इंदौर सहित पूरे मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नयी दिशा देगी। इंदौर के मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने बटन दबाकर मेट्रो का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, श्री मधु वर्मा तथा सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण मौजूद थे।
भारत की विकास दर ने बढ़ाया देशवासियों का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सामने आई आर्थिक विकास दर के आंकड़े देशवासियों का उत्साह और गौरव बढ़ाने वाले हैं। अमेरिका की विकास दर लगभग 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत के मुकाबले भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के बड़े देशों के सामने अपने हितों और अपनी शर्तों के साथ मजबूती से अपनी बात रख रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सामर्थ्य का परिचायक है।