वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा, वनकर्मियों की करेंगे नई भर्ती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल, वानस्पतिक संपदा और वन्य प्राणियों की रक्षा करने में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने नैसर्गिक सुंदरता के साथ मध्यप्रदेश को वनों का अनुपम खजाना दिया है। वन भारत और दुनियाभर में मध्यप्रदेश की पहचान हैं। हमारे वनकर्मी पूरी लगन से इसकी रक्षा करते हैं। प्रदेश के शासकीय सेवकों को पदोन्नति के फैसले का लाभ वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन की सरकार है। सुशासन के लिए हर क्षेत्र में युवाओं की सहभागिता जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में वन विभाग में पदोन्नत शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पदोन्नति शासकीय सेवक का उसके काम के प्रति लगन और समर्पण का सम्मान है। वन विभाग के 4 हजार 506 शासकीय सेवकों को पदोन्नत किया गया है। सभी विभागों में कर्मचारियों को मिली पदोन्नति से मन संतोष से भरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन विभाग के लिए 25 हजार 389 पद स्वीकृत हैं। अभी 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। हम वन प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहते हैं। इसीलिए हमने पदोन्नति के साथ ही खाली हुए पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से वन विभाग में वर्षों के इंतजार का फल मिला है। जिन्हें पदोन्नति मिली है उनमें 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल तथा अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके परिजनों के सहयोग और त्याग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।