स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के लिए रहा है समर्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में बड़ी सौगात देते हुए 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। उन्होंने अन्नपूर्णा रोड से रिंग रोड को जोड़ने वाले 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित मार्ग ‘अटल पथ’ का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने टिगरिया बादशाह मेन रोड से कुशवाह नगर होते हुए उज्जैन नाका-बाणगंगा तक बनने वाले लिंक रोड सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री अटल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, सेवा और सुशासन का सिरमौर है। इंदौर से मध्यप्रदेश में नई तकनीक और नवाचार की गंगा बह रही है। आज फिर यहां एक नया नवाचार देखने को मिला है। उन्होंने चिड़ियाघर में विकसित किए जा रहे आकर्षक नवाचारों के लिए सभी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, लेकिन सरकार की हिस्सेदारी के साथ निजी सहभागिता से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अटल जी का इंदौर से गहरा संबंध रहा है। वे उत्कृष्ट राजनेता, लेखक, कवि और कुशल वक्ता होने के साथ लोकतंत्र की गरिमा को स्थापित करने वाले अजातशत्रु राजनेता थे। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका को गरिमा के साथ निभाने का आदर्श प्रस्तुत किया। उनके जीवन से आज के राजनेताओं को सीखना चाहिए कि नेता की भूमिका, उसका आचरण और व्यवहार कैसा होना चाहिए।

अटल जी के नाम पर विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी के नाम पर अटल पथ का लोकार्पण करते हुए उन्हें विशेष प्रसन्नता हो रही है। इंदौर में इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से किए जा रहे विकास कार्य शहर को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने अटल जी की प्रतिमा सहित लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से सात विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुशासन और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से टिगरिया बादशाह मुख्य मार्ग से कुशवाह नगर होते हुए उज्जैन नाका तक बनने वाली सड़क सिंहस्थ के दौरान भी अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और उज्जैन में होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए आने-जाने के सभी प्रमुख मार्गों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी क्रम में फूटी कोठी चौराहे से संत श्री सेवालाल ब्रिज के सर्विस रोड का भी लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से भूमि पूजन किया गया है।

अटल जी के सपनों को साकार कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने अपने शासनकाल में भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखी। परमाणु शक्ति संपन्न भारत, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी अनेक योजनाएं उनके दूरदर्शी नेतृत्व की देन हैं। उन्होंने नदी जोड़ो अभियान का सपना भी देखा था, जिसे अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बड़े क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा के पानी ने मालवा-निमाड़ और इंदौर क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अटल जी की उपस्थिति में इंदौर में नर्मदा जल आने का उत्सव मनाया गया था। आज नर्मदा का पानी पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र के विकास का आधार बन चुका है।

इंदौर को मिल रही आधुनिक कनेक्टिविटी की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर महानगर के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के साथ भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र और अब जबलपुर तथा ग्वालियर को भी आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदौर को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल का दर्जा मिलने से वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अबूधाबी के लिए नियमित उड़ानों के साथ आने वाले समय में अन्य अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी।