जमीन घोटाला -सरकारी जमीन कैसे हो गयी निजी, हो रही अधिकारियों की तलाश

ग्वालियर. सरकारी दस्तावेजों में आजादी से पूर्व या उसके अगले कई दशकों तक सरकारी के तौर पर दर्ज रही जमीन को अधिकारी निजी करने नहीं चूक रहे है। नया मामला शिवपुरी लिंक रोड ग्रम चिरवाई की 114 बीघा शासकीय भूमि का मामला सामने आया है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक यह भूमि मिसिल बंदोबस्त और संवत् 1997 में चरनोई, पहाड़, शासकीय पड़ती कदीम और खाल-खद्दर के रूप में दर्ज है। लेकिन अधिकारियों की मिली भगत से यह जमीन भाजपा किसान मोर्चा के नेता दिलीप शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा और गिर्राज शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा के नाम पर दर्ज कर दी है।
कैसे हो सरकारी जमीन हो रही अधिकारियों की तलाश
तहसीलदार कार्यालय ग्वालियर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, ग्राम चिरवाई की यह सर्वे नंबरों की भूमियां सार्वजनिक एवं शासकीय उपयोग की श्रेणी में आती हैं। इसके बावजूद, वर्तमान राजस्व अभिलेखों में चौंकाने वाला फेरबदल देखा गया है। जहां ये सभी बेशकीमती भूमियां गिर्राज शर्मा तथा दिलीप शर्मा की संस्थाओं के नाम पर दर्ज पाई गई हैं। रिकॉर्ड में यह बदलाव किन अधिकारियों द्वारा किया गया और कब किया गया? चिरवाई में 114 बीघा जमीन का रिकॉर्ड मिसिल बंदोबस्त में चरनोई, पहाड़, खाल खद्दर व अन्य शासकीय के तौर पर है। विभिन्न सर्वे नंबरों की यह जमीन दिलीप शर्मा एवं गिर्राज शर्मा के नाम दर्ज कर दी गई है। दोनों को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए हैं। – मनीष जैन, तहसीलदार