MP में जल्द बंद होंगे गैस सिलेंडर

भोपाल. पिछले तीन महीने से एलपीजी संकट से जूझ रहा मध्य प्रदेश का शहर भोपाल जल्द ही सिलेंडर फ्री हो जाएगा। गैस एजेंसियों से आने वाली हंगामों की खबरों के बाद अब खाद्य विभाग ने भोपाल को सिलेंडर फ्री बनाने की कवायद तेज कर दी है। प्लान तैयार किया जा रहा है कि जिन इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां अब सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे। लेकिन राजधानी भोपाल की अब भी कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां गैस पाइप लाइन बिछ गई है, लेकिन कई घरों में पीएनजी कनेक्शन नहीं पहुंचा है। इसका कारण है कि ये परिवार गैस पाइप लाइन कनेक्शन लेना ही नहीं चाहते। ऐसी कई कॉलोनियां थीं, जहां ऐसे मामले सामने आए हैं।
ऐसे कई परिवार जो नहीं लेना चाहते पीएनजी कनेक्शन
भोपाल के भेल एरिया की उषा प्रभा कॉलोनी में कई परिवार PNG कनेक्शन का लाभ ले रहे हैं। लेकिन वहीं स्थित एक 4 मंजिला भवन में रहने वाले करीब 20-25 घर ऐसे हैं जो पीएनजी कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। बिल्डिंग की रहवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी बिल्डिंग में सभी परिवार पीएनजी कनेक्शन लेने को तैयार हैं, लेकिन एक परिवार बिल्कुल नहीं चाहता कि बिल्डिंग में पीएनजी कनेक्शन लाया जाए। जब पीएनजी कनेक्शन न लेने को लेकर संबंधित परिवार से बात की गई, तो उनका कहना था कि कहीं सूरत जैसा हादसा न हो जाए। उन्होंने सूरत के अथाणा क्षेत्र की शिव रेसिडेंसी में दीवार गिरने के दौरान गैर पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद जेसीबी से मलबा हटाते समय गैस पाइप के क्षतिग्रस्त होने से हुए भारी गैस रिसाव के मामले का उदाहरण भी दिया। उनका कहना था कि हम नहीं चाहते कि ऐसा कोई हादसा हो और परेशानियों का सामना करना पड़े।
172 कॉलोनियों में बिछी पीएनजी पाइपलाइन
बता दें कि राजधानी भोपाल में थिंक गैस के माध्यम से पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मिसरोद से की गई। होशंगाबाद रोड के दोनों ओर की कॉलोनियों को कवर किया गया है। बावड़िया कलां, सलैया, अयोध्या बायपास, अवधपुरी, साकेत नगर के अधिकांश घरों में कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है। चार इमली जैसे पौश इलाके में भी काम जारी है। अब तक शहर की 172 कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछ चुकी है।
लोगों के आवेदन आने लगे हैं
फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक जहां लोग पीएनजी कनेक्शन को लेकर जागरूक हुए हैं, तो वे लोग कनेक्शन के लिए आवेदन करने लगे हैं।
तय अवधि के बाद नहीं दिए जाएंगे सिलेंडर
फूड कंट्रोलर जादौन के मुताबिक अब चार-चार कॉलोनियों पर फोकस किया जाएगा। यहां 100 फीसदी कनेक्शन देने के बाद अगली चार कॉलोनियां लिस्टेड की जाएंगी। एक निर्धारित अवधि के बाद इनमें एलपीजी कनेक्शन देना बंद कर दिया जाएगा।
2028 तक प्रदेशभर के घर-घर तक पहुंचाना है पीएनजी कनेक्शन
मामले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि 2028 तक पूरे मध्य प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया लगभग-लगभग हर घर में पहुंचाए जाने का लक्ष्य प्रदेश सरकार ने रखा है। पहले यह लक्ष्य 2030 तक था। लेकिन अब इसकी समय सीमा कम कर इसे 2028 कर दिया गया है।