होटल अग्निकांड में एक -दूसरे की बांहों में मिले कपल के शव, लाइबेरियाई महिला की हुई पहचान, पति अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली. मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून का लगी आग में जवान गंवाले 21 लोगों में एक अफ्रीकी कपल भी शामिल था। बचाव दल को उनके शव बाथरूम में मिले, जहां देानों एक-दूसरे की गले लगाये हुए थे। महिला टायलेट सीट पर बैठकी थी। जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा हुआ था। दोनों एक -दूसरे को कसकर पकड़े हुए थे। महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था। दोनों की दम घुटने से मौत हो गयी। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कपल के पास के ही अस्पताल में इलजा करा रहे थे।
आग में जान गंवाने वाली 61 वर्षीय लाइबेरियाई महिला जेनजे एन रौलेंड के शव की पहचान हुई है। महिला के बीमार पति पहले से मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। एक रिश्तेदार ने एम्स मोर्चरी में पहुंचकर महिला के शव की पहचान की।
हादसा होने की 5 बड़ी वजह
खिड़कियां बंद थीं। वेंटिलेशन नहीं था। आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता था। जगह काफी सकरी थी। बाहरी फायर एस्केप (आपातकालीन निकास) की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसी इमारतें ‘चिमनी’ जैसी बन जाती हैं, धुआं-गर्मी कुछ ही सेकंड में ऊपर पहुंच जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। इसकी वजह से लोग बाहर ही नहीं निकल पाए।
स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
ग्राउंड फ्लोर पर कई भारी एलपीजी सिलेंडर रखे गए थे, जिनके लिए कोई फायर-आइसोलेशन सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।