75 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से 1.12 करोड़ रूपये की ठगी, फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर किया था डिजीटल अरेस्ट
ग्वालियर. 75 वर्षीय रिटायर्ड उपपंजीयक बिहारीलाल गुप्ता को आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बनकर डिजीटल अरेस्ट किया और फिर उनसे 1.12 करोड़ रूपये की ठगी कर ली। 16 नवम्बर 2025 को रिटायर्ड उप पंजीयक के पास कॉल आया उसने अपने आप को ट्राई का अधिकारी बताकर उनकी सिम बन्द करने और गिरफ्तारी आदेश होने की बात कहीं। इसके बाद एक आईपीएस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें मनी लॉड्रिंग केस में शामिल बताकर कहा कि 2 लाख रूपये में उनका आईसीआईसीआई बैंक का खाता बेचा गया है। जिसका उपयोग मनी लॉड्रिंग में करोड़ों रूपये के लेन-देन के लिये किया गया है। इसके बाद सीबीआई अधिकारी बनकर भी कॉल किया गया है।
यहां जांच के नाम पर बुजुर्ग को राहत दी गयी ।लेकिन उसके अकाउंट में जमा रूपये, एफडी, म्यूअचल फंड, आरबीआई की जांच के लिये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिये । यह पूरा घटनाक्रम 16 नवम्बर 2025 से 3 जनवरी के बीच खेड़ापति कॉलोनी बी-57 का है। 2 दिन पहले मोबाइल पर डिजीटल अरेस्ट से सावधान रहने का एक वीडियो देखने पर बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ। रविवार को पीडि़त पुलिस के पास पहुंचा। जिस पर क्राइम ब्रांच मंें एफआईआर दर्ज कर ली गयी।
क्या है मामला
शहर के खेड़ापति कॉलोनी 57-बी निवासी 75 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता उप पंजीयक पद से रिटायर्ड हुए हैं। परिवार में चार बेटे हैं और चारों बेटे बाहर रहते हैं और मल्टी नेशनल कंपनी में बड़े पदों पर कार्यरत हैं। यहां बिहारी लाल और उनकी पत्नी रहते हैं। 16 नवंबर 2025 को बुजुर्ग के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी रोहित शर्मा बताते हुए कहा कि आपका मोबाइल नंबर और आधार कार्ड बंद होने वाला है। जब बुजुर्ग ने पूछा ऐसा क्यों होने वाला है तो ट्राई का फर्जी अधिकारी बोला कि आपको गिरफ्तार करने के आदेश हैं। अभी आपके पास हमारे एक IPS ऑफिसर का कॉल आएगा। उसने एक मोबाइल नंबर भी बताया कि इस नंबर से कॉल आएगा। तभी उसी नंबर से वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल आया।