जीवाजी विश्वविद्यालय में कर्मचारी की आत्महत्या की वजह बना ज्वॉइनिंग न मिलना, जांच जारी, जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी कार्यवाही
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में स्थानान्तरण होने के बाद नौकरी ज्वॉइन नहीं कराने से परेशान होकर कर्मचारी अंगद जाटव ने सेट्रल लायब्रेरी की बिल्डिंग से कूंद कर आत्महत्या कर ली। बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से छलांग लगाई । मृतक का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह दर्द तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल, शहर के थाटीपुर विवेक नगर निवासी अंगद जाटव निवासी विश्वविद्यालय थाना इलाके के जीवाजी विश्वविद्यालय में माली के पद पर पदस्थ था। 4 फरवरी को पुस्तकालय शाखा से भाषा अध्ययनशाला में उनका ट्रांसफर किया गया था। लेकिन यहां एचओडी प्रोफेसर नवनीत गरूण ने उसे ज्वॉइन नहीं कराया था। अंगद इसी बात से परेशान होकर मंगलवार की शाम को अंगद लायब्रेरी की तीसरी मंजिल पर पहुंचा और छलांग दी। फिलहाल मृतक के परिजनों का बुरा हाल है। वह रो-रोकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
प्रबंधन को लिखा था पत्र
बताया जा रहा है कि भाषा अध्यनशाला के एचओडी नवनीत गरुण ने प्रशासन को पत्र लिख बता दिया था कि उनके बिल्डिंग वर्क का काम चल रहा है जिसके चलते उन्हें माली की आवश्यकता नहीं है और पहले से काफी स्टाफ है इसलिए उसे किसी दूसरी जगह पर भेज दिया जाए। इसी पत्राचार के बीच में अंगद पिछले 19 दिनों से परेशान बताया जा रहा था।
जांच आने के बाद ही होगी कार्यवाही
अंगद जाटव के मामले में जीवाजी विद्यालय के पीआरओ विमलेन्द्र सिंह राठौड ने बताया है कि अभी तक कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को अगवत करा दिया गया है। पूरी जांच पुलिस को सौंप दी गयी है। जांच के उपरांत जो भी तथ्य निकालकर सामने आयेंगे। उनके अनुसार ही कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि वह लायब्रेरी पर जॉब तो कर ही रहा था । यह अभी जांच का विषय है कि कहां ज्वॉइन होना था फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के बाद घटना को लेकर बारीकी से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।