पांच लूट का मामला-लूट करने के बाद बदमाश मेला घूमने गये थे, पुलिस को अंतिम लोकेशन गोला का मंदिर मिली
ग्वालियर. दो दिन पूर्व एक प्लॉयवुड कम्पनी के कर्मचारी से 5 लाख रूपये की लूट करने वाले एक्टिवा सवार बदमाशों का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पायी है। पुलिस की कई टीम घटना के खुलासे के लिये पड़ताल में लगी हे। 2 दिन में कई स्पॉर्ट पर लुटेरों के धुंधले सीसीटीवी फुटेज मिले है। बदमाश की अंतिम लोकेशन गोला का मंदिर चौराहा पर नजर आयी है। इतना ही नहीं बदमाशों को मेला के भीतर जाते हुए देखा गया है।
ल्ेकिन उसके बाद वह कहां ओझल हो गये यह पता नहीं चल सका है। पुलिस को शक है कि घटना करने वाले पड़ोसी शहर मुरैना से हो सकते है। पुलिस गोला का मंदिर के बाद भिंड व मुरैना पर सीसीटीवी फुटेज तलाश रही है। फिलहाल पुलिस को बदमाशों का पूरा रूट नहीं मिला है। पुलिस मेला में लगे कैमरे से फुटेज तलाश रही है।
क्या है पूरा मामला
ग्वालियर के महलगांव में रहने वाला वासुदेव शर्मा मूल रूप से राजस्थान का निवासी है। यहां वह अपने बड़े भाई संदीप कुमार के साथ महलगांव में रहता है। संदीप राजस्थान की किसी प्लाईवुड कंपनी के लिए सेल्स व कलेक्शन का काम ग्वालियर में संभालता है। 25 फरवरी की शाम संदीप ने अपने साथी वासुदेव को दाल बाजार से दो फर्म से कलेक्शन करने के लिए कहा था। वासुदेव ने एक फर्म से 1.5 लाख और दूसरी फर्म से 3.5 लाख रुपए कलेक्शन किया था। लगभग पांच लाख रुपए लेकर कर्मचारी दाल बाजार से निकला और अचलेश्वर मंदिर पहुंचा। यहां उसने संदीप को फोन कर पूछा कि रकम किसे देनी है। संदीप ने थोड़ी देर में जानकारी देने की बात कही। काफी देर तक फोन नहीं आने पर वासुदेव एमएलबी कॉलेज ग्राउंड में बैठा रहा और बाद में वहां से निकलने लगा। तभी काले रंग एक्टिवा पर आए दो बदमाशों ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। बहस के दौरान बदमाशों ने उसका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में नाकाबंदी कराई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए थे।