भोपाल का हाईटेक मेट्रो सिस्टम फेल, कागज के टिकट पर सफर
भोपाल. भोपाल मेट्रो में कोई भी व्यक्ति एक बार टिकट लेकर कितनी भी बार सफर कर सकता है। ये मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कोई ऑफर नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी खामी है। इतना ही नहीं, मेट्रो में सफर करने के लिए जो मैन्युअल टिकट दिए जा रहे हैं, उनमें न तो क्यूआर कोड है और न ही सुरक्षा के कोई और मानक।
कोई भी बड़ी आसानी से बिना पैसे दिए सफर कर सकता है
इसमें केवल एक सील लगी है, जो कहीं भी आसानी से बन सकती है, यानी मेट्रो के टिकट की नकल कर कोई भी बड़ी आसानी से बिना पैसे दिए सफर कर सकता है। मेट्रो का सफर कर सिस्टम की इन खामियों को नोटिस किया। दरअसल, एमपी सरकार ने 21 दिसंबर से आधे-अधूरे तैयार स्टेशन, काम-चलाऊ व्यवस्था और सुरक्षा में गंभीर खामियों के बीच मेट्रो का ट्रायल रन शुरू किया है।
एक ही टिकट खरीदा और उसी से वापसी का सफर किया
टिकट मैन्युअल जारी हो रहे हैं तो स्टेशन पर इनकी जांच का कोई पुख्ता सिस्टम मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने डेवलप नहीं किया। एक ही टिकट खरीदा और उसी से वापसी का सफर भी किया। इन सभी खामियों को लेकर जब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अफसरों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि उन्हें लिखित में सवाल दिए जाएं। उन्हें लिखित में सवाल भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।