समाज सेवा में ही जीवन की सार्थकता : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि समाज की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। समाज सेवा द्वारा वंचित वर्ग का व्यक्ति राज्यपाल बन सकता है। चायवाला प्रधानमंत्री बन सकता है। भारतीय संस्कृति के ध्येय 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के अनुसार शिक्षित व्यक्ति का परम कर्तव्य वंचितों और गरीबों की खुशहाली और उत्थान के लिए कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि आत्मविश्वासी, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी शिक्षा और प्रतिभा के द्वारा आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत बनाने में सहभागिता करें।
राज्यपाल श्री पटेल एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सांसद श्री रवि किशन, सांसद श्री राजीव शुक्ला, सांसद श्री देवूसिंग चौहान, फिल्म अभिनेता एवं कास्टिंग डायरेक्टर श्री मुकेश छाबड़ा, सेज समूह के चेयरमैन श्री संजीव अग्रवाल को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से विभूषित किया। फार्मेसी, विधि, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, पत्रकारिता और मेडिकल साइंस के क्षेत्र में पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका और श्री जय नारायण चौकसे की आत्मकथा पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।