सिंधिया स्कूल में दुष्कर्म से पीडि़त छात्र के 164 के बयान दर्ज, छात्र को भेजा बाल सुधार गृह
ग्वालियर. सिंधिया स्कूल में 7वीं कक्षा के छात्र के साथ सीनियर द्वारा किये गये कुकर्म की घटना के बाद पुलिस ने पीडि़त छात्र के 164 के बयान दर्ज किये हैं। अब पुलिस और प्रबंधन पता लगा रहे हैं कि ऐसा आखिर क्या हुआ है। उसके दिमाग में इस तरह की घटना करने का दुस्साहस कैसे हुआ। इसका पता लगाने के साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्र द्वारा इससे पहले तो कोई घटना घटित नहीं की है। प्राचार्य की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीडि़त छात्र के 164 के बयान दर्ज किये गये है। जिसमें घटना की पुष्टि के बाद आज पुलिस बाल अपचारी का मेडीकल कराने के बाद जुबेनाइल कोर्ट में पेश
करेगी।
गलत काम करने वाले को भेजा बाल सुधार गृह
पुलिस ने जूनियर छात्र से गलत काम करने वाले सीनियर छात्र (नाबालिग) को सोमवार को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया है। सोमवार शाम को उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। फिलहाल छात्र को बाल सुधार गृह में ही रहना पड़ेगा।
स्कूल में बाहरी लोगों का प्रतिबंधित
सिंधिया स्कूल में किशोर के साथ कृकृत्य की घटना सामने आने के बाद से ही स्कूल परिसर में बाहरी लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और स्कूल परिसर की सुरक्षा और अधिक सख्त कर दी गयी है। चप्पे -चप्पे पर सुरक्षा गार्डो को तैनात कर दिया है। आने आने वाले से लम्बी पूछताछ की जा रही है और साथ ही पूछताछ करने के बाद आने वाले की जानकारी प्रबंधन को दी जा रही है। प्रबंधन से अनुमति मिलने के बाद ही आगंतुक को स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है। स्कूल आने वाले व्यक्ति को अधिकारी के पास पहुंचाने के लिये सुरक्षा गार्ड अपने साथ लेकर जा रहा है।
दुष्कर्म से पीडि़त छात्र है निगरानी में
बात फैले ना इसे देखते हुए पीडि़त छात्र को स्कूल प्रबंधन ने निगरानी में रखा हुआ है। उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही हे। स्कूल के किसी भी स्टाफ को उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है। स्कूल के अधिकारी स्टाफ से पल-पल पर छात्र के संबंध में जानकारी ले रहे हैं। स्टाफ को सख्त हिदायत है कि घटना की जानकारी बाहर ना जाने पाये।
पीडि़त छात्र के परिजनों को रोक बाहर
स्कूल में पीडि़त छात्र से मिलने आये परिजनों को स्कूल के बाहर ही रोक दिया और बाहर ही बच्चों से मुलाकात कराई गयी। जिससे अन्दर की जानकारी बाहर नहीं जा सके।