शहर में नापतौल विभाग की रिपोर्ट: तीन माह में 70 केस, पतंजलि पर भी अपराधिक प्रकरण

ग्वालियर. नापतौल विभाग ने तीन माह की रिपोर्ट जारी की है जिसमें यह सामने आया कि बड़े बड़े ब्रांड के उत्पादों पर यूनिट सेल प्राइस न होने को लेकर अलग अलग अनियमितताएं पाई गईं। इस अवधि में नापतौल विभाग की टीम ने 70 अपराध केस दर्ज किए। वहीं इसमें पतंजलि फूड लिमिटेड हरिद्वार उत्तराखंड भी शामिल है जिसके पंतजलि लीची जूस व पतंजलि केश कान्ति हर्बल मेहन्दी के पैकेटों पर यूनिट सेल प्राइस अंकित नहीं थीं,पतंजलि कंपनी पर भी अपराध केस दर्ज किया गया है। वहीं अलग अलग अनियमितताओं में 16 लाख रूपए से ज्यादा राजस्व वसूली की गई।
बता दें कि विभाग द्वारा अप्रैल 2024 से जून 2024 तक विभिन्न संस्थानों की जांच कर अनियमितताएं पाये जाने पर 70 अपराध प्रकरण दर्ज करते हुए अभियोजन व पुन: सत्यापन कार्य से 16 लाख 43 हजार रूपए का राजस्व हासिल किया गया। हाल ही में विभाग की ओर से मैसर्स आनंद फूड प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड,जयपुर राजस्थान द्वारा निर्मित केरी अचार के पैकेटों पर आवश्यक घोषणायें नहीं पाये जाने पर 75 हजार रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया। स्वागत प्रोडक्ट गुजरात के द्वारा निर्मित पैकेटों पर आवश्यक घोषणायें नहीं पाए जाने पर 25 हजार रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
क्या होती है यूनिट सेल प्राइस
एक जनवरी 2024 से भारत सरकार ने यह संशोधन किया है कि उत्पाद का वजन अगर किलो से कम ग्राम में है तो प्रति ग्राम की कीमत भी लिखना होगी। अगर उत्पाद एक किलो से ज्यादा है तो प्रति किलो की कीमत भी लिखना होगी।