ग्वालियर की सड़कों पर दौडेंगी ई-बसें

ग्वालियर. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने बुधवार को अपना पहला बजट पेश कर दिया है। इसमें वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश किया है। जिसमें एक के बाद एक घोषणा में ग्वालियर के यातायात को लेकर बड़ी खबर आई है। पीएम ई-बस योजना के तहत अब ग्वालियर में ई-बसें चलेंगी। जिससे यात्रा और सुगम होगी। बजट में उल्लेख है कि कुल 532 ई-बस चलाई जायेगी। यह 532 बसें ग्वालियर, इन्दौर, भोपाल और जबलपुर, उज्जैन व सागर शहरों में संचालित होंगी।
ई-विधायक कार्यालय में बनेंगे
बजट में प्रावधान किया गया है कि विधायकों के लिये उनके शहरों में ई-विधायक कार्यालय बनाये जायेंगे। यह पूरे एमपी में बनेंगे। ग्वालियर भी ई-विधायक कार्यालय बनेंगे। जिससे क्षेत्रीय जनता का आसानी से उनके विधायक उपलब्ध हो सकेंगे। इसके लिये विधायक को 5 लाख रूपये दिये जायेंगे।
ग्वालियर के युवाओं को मिलेगा पुलिस भर्ती में मौका

बजट मंत्री ने प्रदेश में 7500 पदों पर पुलिस की भर्ती करने का ऐलान किया है। पुलिस और अन्य फोर्स में जॉब की तैयारी के लिए ग्वालियर-चंबल अंचल गढ़ माना जाता है। ऐसे में ग्वालियर-चंबल के युवाओं को भर्ती में शामिल होने का मौका मिलेगा।

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया है। खास बात यह है कि आम लोगों की निगाह इस बजट पर लग लगी हुई थी। आम लोगों को चिंता थी कि कहीं टैक्स का बोझ न बढ़ जाए। हालांकि राज्य सरकार ने आम जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। ग्वालियर में व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार मध्य प्रदेश सरकार व्यापारियों पर लगने वाले प्रोफेशनल टैक्स को हटा सकता है, लेकिन फिलहाल बजट में उसका कोई उल्लेख नहीं है।मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। इसी सत्र की 3 जुलाई बुधवार को मोहन सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट प्रस्तुत किया हैं। 19 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र में 11 विधेयक भी पेश किए जाएंगे। इनमें एमपी की सभी यूनिवर्सिटी में एकरूपता लाने के लिए विधेयक होगा। प्रदेश में हुए बोरवेल हादसों को रोकने के लिए भी विधेयक लाया जा रहा है। यदि बोरवेल विधेयक पारित हो जाता है तो देश में मध्यप्रदेश इस प्रकार के विधेयक को लागू करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। बजट में अधोसरचना व विकास पर जोर दिया जाएगा। अब मोहन सरकार को दूरगामी सोच के साथ सभी जिलों को विकास के पथ पर जोड़कर लेकर चलने का बजट पेश करना ह।
जीएसटी के दायरे में लाए जाएं पेट्रोल-डीजल
व्यापारियों की एक बड़ी मांग यह भी है कि पेट्रोल और डीजल को वैट से निकालकर जीएसटी के दायरे में लाया जाए। हालांकि व्यापारियों को आशा है कि इस दिशा में कोई कदम सरकार उठा सकती है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम नजर आ रही है।
बड़े प्रोजेक्ट के लिए मिल सकता है पैसा
ग्वालियर से जुड़े कुछ बड़े प्रोजेक्ट जैसे ग्वालियर-आगरा सिक्स लेन हाइवे, रिंग रोउ की तर्ज पर बनने वाली एलिवेटेड रोड़, सहित कई रोड प्रोजेक्ट पर कुछ खास मिल सकता है। इतना ही नहीं ऊर्जा मंत्री ग्वालियर से नाता रखते हैं। इसलिए आशा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी कोई प्रोजेक्ट ग्वालियर को मिल सकता है।
लाडली बहना योजना की राशि बढ़ सकती है
मोहन सरकार का पहला बजट में राज्य के लोगों को कई बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, महिलाओं, युवा, बुजुर्ग और किसान सभी वर्गों को अपने पहले बजट में साधने की कोशिश करेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा लाडली बहना योजना की राशि को लेकर है। लाडली बहना योजना को मध्य प्रदेश की गेम चेंचर योजना माना जाता है। 2023 में विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना की घोषणा की थी।लाडली बहना योजना के लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में बीजेपी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य में सरकार बनाई थी। वहीं, लोकसभा चुनाव में भी इस योजना का असर दिखाई दिया। जिस कारण से राज्य की सभी 29 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली। ग्वालियर की बहनों को राशि बढ़कर मिलने की सरकार के बजट से आशा है।