ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में हताश माता-पिता को मिला बेटे का पुनर्जन्म

17 फरवरी को गंभीर स्थिति में अनूप के माता-पिता अनूप को आरजेएन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में लेकर आए। बता दें कि अनूप का इलाज अभी तक झांसी में चल रहा था हालत बिगड़ने पर मरीज अनूप को ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया गया। अपोलो के डॉक्टर्स ने प्रारंभि परीक्षण मे पाया कि मरीज को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी जिसके बाद तुरंत मरीज को वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि मरीज का वेंटीलेटर पर भी ऑक्सीजन लेवल कम चल रहा था जांच करने पर पता चला कि मरीज के दोनों फेफड़ों में इन्फेक्शन बहुत बुरी तरह फैला चुका था। जांच में डब्ल्यूबीसी 52000 था, मरीज का र्हदय भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के घरवालों को उचित उपचार का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे मेहनत रंग लाने लगी और अनूप की स्थिति में सुधार आने लगा लेकिन अनूप के परिवार को आर्थिक परेशानी आने लगी।

मरीज के पिता एक प्राइवेट स्कूल में सिक्योरिटी कर्मचारी है ऐसे मुश्किल समय में अस्पताल प्रबंधन ने आगे बढ़कर आर्थिक मदद की। अनुप को नया जीवन देने में जिन डॉक्टरों की भूमिका रही वही छाती रोग विशेषज्ञ अज्जवल शर्मा, क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट टीम डॉ. प्रखर शुक्ला, डॉक्टर चंदन साहू, डॉ. आबिद सलीम और डॉ. हर्ष भट्ट साथ ही र्हदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक शर्मा व रेडियोलॉजी में डॉ. अनूप कुमार आर्या, डॉ. जितेंद्र राजपूत थे।

बता दें कि अनूप अपोलो अस्पताल में काफी गंभीर स्थिति में आया था लेकिन अनूप को सही समय पर इलाज मिलने से बुरी स्थिति से बाहर निकाला गया। । इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया अपोलो के डॉक्टरों की टीम ने। अब अनूप खतरे से बाहर हे और उसके माता पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। अस्पताल के सीईओ मुकेश सभरवाल ने कहा कि अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल क्षेत्र का सबसे अग्रणी एवं एडवांस हॉस्पिटल है यहां हम श्विस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश कर रहे है और अस्पताल के एडिशनल डायरेक्टर डॉ गिरीश अरोरा ने कहा अपोलो स्पेक्ट्रा क्षेत्र का सबसे एडवांस क्रिटिकल और ट्रॉमा सेंटर है और सर्वोतम चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करने के लिए अस्पातल प्रतिबद्ध है।