अचलेश्वर ट्रस्ट प्रकरण-महाशिवरात्रि के लिये न्यायालय ने मांगा समिति से प्रस्ताव
महाशिवरात्रि का आयोजन धूमधाम से मनाने के लिये न्यायालय ने प्रशासनिक अधिकारियों की समिति से प्रस्ताव पेश करने के लिये कहा है। इसमें यह बताना होगा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर किस तरह से व्यवस्थायें की जायेगी, कितनी राशि खर्च होगी। इसके साथ ही न्यायालय में अचलेश्वर ट्रस्ट द्वारा करायी गयी 20 लाख रूपये की एफडी बिना अनुमति के तुड़वाने पर भी स्पष्टीकरण तलब किया है। गुरूवार को न्यायालय में हुई सुनवाई में न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट का कोई भी पूर्व पदाधिकारी मंदिर की किसी भी व्यवस्था में हिस्सा नहीं लेंगे। न्यायालय ने रिसीवर की नियुक्ति नहीं होने तक उचित संख्या में शीलबन्द दान पेटियां रखवाने की बात कहीं। आपको यहां बता दें कि अचलेश्वर ट्रस्ट के संचालन में आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया।
पांच सदस्यीय कमेटी बनाई
जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नयी कार्यकारिणी के गठन होने तक 5 सदस्यीयी कमेटी बनाई है जिसमें कलेक्टर कौशलेन्द्रविक्रम सिंह, निगमायुक्त किशोर कन्याल, माफी अधिकारी, एसएसपी अमित सांघी व सीएसपी इंदरगंज को शामिल किया गया है।
निगरानी का जिम्मा 5 सदस्यीय समिति को
मंदिर के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं बरती जा रही, इसकी निगरानी के लिए न्यायालय ने 5 सदस्यीय समिति बनाई है। लोक अभियोजक विजय शर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई समिति में अपर लोक अभियोजकगण मृत्युंजय गोस्वामी, धर्मेंद्र शर्मा, चंद्रेश श्रीवास्तव और वरुण शर्मा को शामिल किया गया है। अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी। समिति को इस दिन पूर्व में किए गए निरीक्षण के संबंध में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।