ग्वालियर में गौशाला में 100 टन कैपेसिटी का CNG प्लांट लगेगा

नगर निगम की लालटिपारा आदर्श गौशाला जल्द ही आत्मनिर्भर बनेगी। इसके लिए गौशाला में 100 टन की क्षमता वाला सीएनजी प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के अधिकारियों ने गौशाला का सर्वे किया। इस प्रोजेक्ट की लागत 31 करोड़ रुपए है। यह राशि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन खर्च करेगा। प्लांट लग जाने के बाद हर दिन 2500 किलो सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। इससे निगम को हर साल लगभग छह करोड़ 38 लाख रुपए की आय होगी।

स्वच्छ सर्वेक्षण में भी शहर को अच्छे अंक मिलेंगे

गौशाला में प्लांट लग जाने से स्वच्छ सर्वेक्षण में भी शहर को अच्छे अंक मिलेंगे, क्योंकि इस प्लांट में गीला कचरा एवं शहर की डेयरियों से निकलने वाले गोबर का निस्तारण हो सकेगा। इतना ही नहीं गोशाला लगभग चार करोड़ रुपये की खाद भी बेच सकेगी।

गोबर की मात्रा बड़ी 50 की जगह 100 टन प्लांट की सहमति

गोशाला में पहले 50 टन का प्लांट लगाया जाना था, लेकिन निगम आयुक्त ने शहर की डेयरियों से गोबर को एकत्रित कराना शुरू कर दिया है। इससे गोबर की मात्रा बढ़कर दोगुनी हो चुकी है। गोशाला में गोबर की मात्रा को देखकर इंडियन आयल कारपोरेशन की टीम ने दोगुनी क्षमता वाला सीएनजी प्लांट लगाने पर सहमति दी हे। इसके साथ ही शहर की सब्जी मंडियों एवं आमजनों के घरों से निकलने वाले जैविक कचरे, जिनमें सब्जी, फलों के छिलके आदि शामिल हैं। उससे भी सीएनजी बनाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी पवन सिंघल और ऋषभदेवानंद महाराज आदि मौजूद थे।