सट्टा किंग मोनू गुप्ता डबरा में दिखा, विदेश की क्रिकेट टीमें तक खरीद चुका, ग्वालियर के व्यापारी अब सीएम व सिंधिया से मिलेगे
ग्वालियर। 70 करोड़ की फर्जी हुंडियां देकर ठगी करने के मामले में अब व्यापारियों को पुलिस से कोई आस नहीं है। पीड़ित कारोबारियों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से समय मांगा है। व्यापारी इस पूरे मामले को माननीयों के सामने रखेंगे और पुलिस की कार्यप्रणाली को भी बताएंगे। 70 करोड़ रुपये की ठगी और एक माह का समय होने को है, पुलिस ने सिर्फ दो लाख रुपये ही बरामद किए हैं। यह हालत तब है जब इस मामले में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम गठित है। वहीं गुरूवार को डबरा में एक शादी समारोह में इस मामले में आरोपित सट्टा किंग मोनू गुप्ता दिखा,जिसकी खबर ग्वालियर के कारोबारियों तक पहुंची। डबरा में मोनू खुलेआम घूम रहा है, लेकिन पुलिस को नहीं मिल रहा है।
ज्ञात रहे कि 28 दिसंबर को दाल बाजार, लोहिया बाजार, नया बाजार, सराफा बाजार ऐसे मुख्य बाजारों के कारोबारियों का पैसा हुंडी ब्याज पर चलाने वाला आशु गुप्ता गायब हो गया था। पता चला कि आशु 70 करोड़ रुपये की फर्जी हुंडी बाजार में थमा गया और पूरा पैसा क्रिकेट के मैच में हार गया। आशु के पकड़े जाने के बाद पता चला कि डबरा का एमसीएक्स कारोबारी और सट्टा किंग मोनू गुप्ता, भोपाल का दिलीप सिंधी, गुना का आशीष जैन इनके यहां आशु क्रिकेट पर दांव लगा रहा था और व्यापारी समझते रहे कि उनका पैसा हुंडी ब्याज पर चल रहा है। इस केस में आशु की पत्नी अंकिता ,नौकर गणेश और पिता नत्थूलाल भी आरोपित हैं। गिरफ्तार आशु, दिलीप और आशीष की हुई है।
मोनू की गिरफ्तारी पर ढील, विदेश की क्रिकेट टीमें तक खरीद चुका
मोनू गुप्ता एमसीएक्स और क्रिकेट के सट्टे का बड़ा खिलाड़ी है, जो विदेश की क्रिकेट टीमें तक खरीद चुका है। यही सबसे बड़ी कड़ी हुंडी कांड की है, लेकिन पुलिस इसी पर हाथ डालने से पीछे हट रही है। पुलिस के अनुसार मोनू की लोकेशन तक नहीं मिल रही है, जबकि यह संभव नहीं है कि आज के तकनीकी दौर में लोकेशन पता न चले। वहीं व्यापारियों के बीच और बाजार में यही चर्चा है कि मोनू एक मंत्री का बेहद नजदीकी है, इसलिए पुलिस पर ऊपर से दबाव है।