स्थापना दिवस-DRDE ने बनाया सेनेटाइजर और किट से देश को मिली राहत, बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

ग्वालियर रक्षा अनुसंधान तथा विकास स्थापना ग्वालियर (DRDE) का स्थापना दिवस 28 दिसंबर 2021 को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में डीआरडीओ (DRDO) मुख्यालय नई दिल्ली से डॉ यूके सिंह, महानिदेशक (जैव विज्ञान) मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक डीआरडीई DRDE ग्वालियर डॉ मनमोहन परीडा ने विगत 49 वर्षों में डीआरडीई DRDE द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों, इसके गौरवशाली इतिहास, वर्तमान प्रोजेक्ट, चुनौतियों तथा भविष्य की योजना को प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी बताया कि डीआरडीई DRDE ग्वालियर कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए एनसीडीसी(NCDC) के सतत सम्पर्क में है ताकि वक़्त आने पर प्रभावी रूप से भूमिका का निर्वहन कर सके।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे डॉ यूके सिंह, महानिदेशक(जैवविज्ञान), डीआरडीओ मुख्यालय ने सरकार द्वारा डीआरडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारियों एवं लक्ष्यों के बारे में बताया। आने वाले दौर में जैविक युद्धक अभिकारक किस तरह राष्ट्र और मानवता के समक्ष चुनौतियां प्रस्तुत करेंगे, इसे लेकर डीआरडीई जैसे संस्थान से अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आज डीआरडीओ विश्वस्तरीय उत्पाद बना रहा है एवं वर्तमान सरकार यह चाहती है कि देश निर्यातक के रूप में उभरे। उन्होंने “सागर मंथन” का उदाहरण देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास के द्वारा बड़े से बड़ा लक्ष्य निर्धारित समय मे प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सशस्त्र सेनाएं डीआरडीओ द्वारा विकसित उत्पाद और प्रौद्योगिकियों को ग्रहण करने के तैयार हैं, बशर्ते वे निर्धारित समय में बिना किसी बिलंब के उपलब्ध हों।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और निदेशक के करकमलों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया जिसमें डीआरडीई परिवार के सदस्यो ने विभिन्न लोक नृत्यों और संगीत की प्रस्तुति दी। इसके अलावा बच्चो के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमे प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में समस्त प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये गए।