वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि धोना पड़ेगा-महिला कांग्रेस

ग्वालियर. केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस तरह समाधिस्थल पर पहुंचने के बाद महिला कांग्रेस आक्रोशित है। ग्वालियर महिला कांग्रेस की शहर जिलाध्यक्ष रूचि गुप्ता का कहना है कि सन 1857 में सिंधिया घराने ने गद्दारी की थी। वहीं, गद्दारी सन 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की है। अ बवह वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि पर गये है। बताये आज क्या आवश्यकता पड़ गयी वहां जाने की। क्या मजबूरी थी लक्ष्मीबाई को नमन करने की। वीरांगना लक्ष्मीबाई की आत्मा दुःखी होगी। इसलिये हम जल्द समाधि स्थल को धोकर शुरू करेंगे। बादल भी रो रहे हैं हो सकता है प्रकृति स्वयं बारिश समाधि स्थल को शुद्ध कर दें।

क्या है पूरा मामला

रविवार (26 दिसंबर) को केन्द्रीय मंत्री व सिंधिया घराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में एक दिन के प्रवास पर आए थे। उन्होंने कई कार्यक्रम में भाग लिया जो पहले से निर्धारित था। पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक कार्यक्रम किसी को नहीं पता था। रविवार शाम 5.30 बजे वह अचानक अपने कट्‌टर समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर के साथ झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि स्थल पहुंच गए, जबकि कुछ देर पहले ही वह पास में एलीवेटेड रोड का निरीक्षण करके गए थे। इसके बाद उन्होंने वहां पहुंचकर वीरांगना को नमन किया और माथा भी टेका। एक परिक्रमा लगाई और वहां से बाहर निकल आए। उनका इस तरह आना ही राजनीतिक गलियारों मंे चर्चा बना हुआ है। सिंधिया घराने को जानने वाले लोग बताते हैं कि इस तरह अचानक और सिर्फ माथा टेकने वह पहली बार ही पहुंचे हैं। कुछ वर्ष पूर्व जब वह कांग्रेस में थे तो कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के साथ रोड शो करते हुए वहां तक पहुंचे थे। पर इस तरह व्यक्तिगत रूप से वह पहली बार ही आए हैं।

लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंचकर माथा टेका

रविवार को केन्द्रीय मंत्री व सिंधिया घराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिस अंदाज में वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंचकर माथा टेका है उससे उनके भाजपा में चाहें सारे संस्कार पूरे हो गए हो, लेकिन महिला कांग्रेस ने उन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ग्वालियर में महिला कांग्रेस की शहर जिलाध्यक्ष रूचि गुप्ता ने सिंधिया के समाधि स्थल पर जाने से वीरांगना की आत्मा के दुखी होने की बात कही है। साथ ही कहा है कि महिला कांग्रेस समाधि स्थल को धोकर शुद्ध करेंगी। इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोर पकड़ रही है कि आखिरकार सिंधिया घराने के मुखिया इस तरह अचानक लक्ष्मीबाई की समाधि क्यों पहुंचे और इसके पीछे क्या बजह रही। साथ ही इसके राजनीतिक मायनों पर भी बात हो रही है।