बैंकों की हड़ताल- फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया पर हजारों बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन

ग्वालियर देशव्यापी हड़ताल 17 दिसम्बर को बैंक ऑफ इंडिया की फूलबाग शाखा पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेतृत्व में बैंक के निजीकरण के विरोध में जंगी प्रदर्शन किया गया सभा को संबोधित करते हुए यूनाइटेड फोरम के संयोजक कॉमरेड वीरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि शासन को बैंकों के निजीकरण की ओर धकेलना प्रतिगामी तथा जन एवं श्रम विरोधी है देश की बैंकों में आज आम आदमी का श्रम से कमाया हुआ पैसा जमा है अगर बैंकों का निजीकरण किया जाता है तो जनता की पूंजी कुछ निजीघरानों के पास पहुंच जाएगी और उस जमा रुपए पर किसी का कोई नियंत्रण या निगरानी नहीं रहेगी और निवेशक इन पैसों का आगे अपने तरीके से व्यय कर सकता है।

निजीकरण के उपरांत किसान छोटे व्यापारियों जमा आदमियों को ऋण नहीं मिल पाएगा 1948 से 1968 के बीच 20 वर्षों में करीब 736 निजी बैंक दिवालिया हुए जनता की राशियां उन्हें नहीं मिल पाई थी इस कारण देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री ने 19 जुलाई 1969 को देश के 14 बड़े निजी बैंकों को तमाम विरोध के बाद राष्ट्रीयकरण किया था राष्ट्रीयकरण के बाद देश के इन बैंकों द्वारा निभाई गई भूमिका आज स्पष्ट दिखाई देती है देश विकास के पथ पर दौड़ रहा है।

इस अवसर पर उपमहासचिव रहीम खान ने स्पष्ट किया कि हम शासन की निजीकरण की प्रतिगामी नीति का विरोध करते हैं इस अवसर पर कहा कि 2008 में आई मंदी के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के सामने सरकारी क्षेत्रों के बैंक चट्टान की तरह खड़े रहे जबकि अमेरिका एवं यूरोप जैसे विकसित देशों के निजी क्षेत्र की बैंक एवं उनके आर्थिक संस्थान ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

सभा को साथियों ने भी संबोधित किया अवधेश अग्रवाल, अनूप राणा, आरके सिंह, अजय देवले, गोवर्धन शर्मा, अतुल प्रधान, एससी शर्मा, सुमित तिवारी, प्रमोद गर्ग, नितिन बागवानी, रंजना कुशवाह, रचना गोस्वामी, श्रीमति सक्सेना, शैलेश कुमार, सुनील शर्मा, इफ्तिखार खान, बलवीर यादव, बलबीर परिहार, विनोद गौर, अजय गुप्ता, आशीष शुक्ला, प्रदीप त्रिपाठी, ओमप्रकाश बकाना, संजय आरबी गोतम, विनोद रत्नाकर पाराशर, शाहरुख खान और तमाम कॉमरेड साथियों ने जोरदार नारों के साथ आज के कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई विकासपुरी, अनिल शर्मा, रमेश चौहान, मैडम सक्सेना, हिमांशु सारस्वत, देवव्रत सिकरवार, अजय गुप्ता एवं तमाम साथियों ने अपन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।