Bank strike-बैंक हड़ताल-निजीकरण के विरोध में देशभर में 9 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर, कामकाज होगा प्रभावित
ग्वालियर. Bank Strike Dec 2021 दिसम्बर माह के समाप्त होने में अब महज 16 दिन शेष बचे हैं। इन बचे हुए दिनों में देश के कुछ हिस्सों में 10 दिन बैंक बन्द रहने वाले हैं। आज और कल पूरे देश में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल है। ऐसे में आम लोगों को बैंकिंग के कामकाज निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अलग-अलग सरकारी बैंकों के लगभग 9 लाख कर्मचारी सार्वजनिक क्षेत्र में दो बैंकों के निजीकरण के सरकार के कदम के विरोध में आज से हड़ताल पर है। बैंक यूनियंस (Bank Unions) ने बैंकों के प्रस्तावित प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatization) के खिलाफ दो दिन के हड़ताल का आह्वान किया है। इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते पूरे देश में बैंकों के ब्रांच आज 16 दिसंबर (गुरुवार) और 17 दिसंबर (शुक्रवार) को बंद रहने वाले है। इसके अलावा 19 दिसंबर को रविवार की छुट्टी के चलते बैंक बंद रहेंगे. इस तरह पूरे देश में इस सप्ताह बैंक तीन दिन बंद रहने वाले है।
भारतीय स्टेट बैंक समेत अधिकांश बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को चेक क्लीयरेंस और फण्ड ट्रांसफर जैसे बैंकिंग कार्यो के प्रभावित होने को लेकर आगाह कर दिया है। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ की यूनाइटेड फोरम के संयोजक वीरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया है कि शासन को बैंकों को निजीकरण की ओर धकेलना प्रतिगामी तथा जन एवं श्रम विरोधी है देश की बैंकों में आम आदमी के श्रम से कमाया पैसा जमा है। ऐसे में बैंकों का निजीकरण किया जाता है तो जनता का रूपया कुछ निजी घरानों के पास पहुंच जायेगा और उस जमा रूपये का किसी नियंत्रण नहीं होगा और निवेशकों को इस रकम को अपने तरीके व्यय कर सकेंगे।
अधिकारी संघ के उपमहासचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा है कि वर्ष 2008 में आयी आर्थिक मंदी के दौरान भारत की आर्थिक व्यवस्था के सामने सरकारी क्षेत्रों के बैंक चट्टानों की तरह खड़े रहे है। जब यूरोप एवं अमेरिका जैसे विकसित देश के निजी क्षेत्र की बैंक एवं उनके आर्थिक संस्थान ताश के पत्तों की तरह ढह गये। इस मौके पर रहीम खान ने कहा है कि अवार्ड यूनियन हम शासन की निजीकरण के इस प्रतिस्पर्धा के एवज में विरोधी नीति का विरोध करते हैं।
बैंक कर्मचारियों की सभा को अजय देवले, गोवधर्न शर्मा, एससी शर्मा, विनोद रत्नाकर, सुमित तिवारी, विनोद गर्ग, अनूप राणा, नितिन यादवानी आदि ने कर्मचारियों को संबोधित किया। कर्मचारियों के प्रदर्शन में लगभग 500 बैंक कर्मचारियों ने भाग लिया।