हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के गुर्गे अकील का 12 करोड़ रु. का दुकान, मकान और गोदाम तोड़ा, 20 केस हैं दर्ज

जबलपुर. पुलिस-प्रशासन और नगर निगम की माफिया के खिलाफ कार्रवाई जारी है। बुधवार को पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के साथी अकील खलीफा के 12 करोड़ रुपए कीमत का दुकान, मकान ओर गोदाम तोड़ दिया। आरोपी ने इनका अवैध तरीके से निर्माण कराया था। नगर निगम से कई बार नोटिस जारी हो चुका था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास सहित 20 गंभीर अपराध दर्ज हैं।

गोहलपुर क्षेत्र स्थित रद्दी चौकी में संजीवनी अस्पताल के पास हनुमानताल का निगरानी बदमाश अकील उर्फ पप्पू खलीफा ने 11 हजार वर्गफीट में अवैध तरीके से निर्माण किया था। इस जमीन के खसरे में किसी का नाम ही दर्ज नहीं है न ही निर्माण के लिए नगर निगम से कोई नक्शा ही पास हुआ था। पूर्व में इसे तोड़ने के लिए नगर नगम के कमिश्नर की ओर से नोटिस जारी हुआ था। तीन दिन पहले भी इसी तरह की नोटिस जारी हुआ था। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने आरोपी के खिलाफ कारवाई को लेकर कलेक्टर से चर्चा की और फिर दोनों अधिकारियों ने मिलकर उसके रसखू पर बुलडोजर चलाने का प्लान को अमलीजामा पहनवाया।

निगरानी बदमाश पर थी पहले से नजर

कार्रवाई की अगुवाई कर रहे गोहलपुर सीएसपी अखिलेश गौर के मुताबिक, 42 साल के आरोपी अकील खलीफा हनुमानताल का निगरानी बदमाश है। इसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, बलवा कर मारपीट आदि के 20 अपराध दर्ज हैं। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर इसकी संपत्तियों के बारे में पता लगाया गया था। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर अधारताल एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया भी नगर निगम का अमला लेकर पहुंचे।

10 करोड़ की जमीन, 2 करोड़ का निर्माण

नायब तहसीलदार संदीप जायसवाल के मुताबिक, आरोपी अकील खलीफा ने गोहलपुर रद्दी चौकी में संजीवनी अस्पताल के पास 11 हजार वर्गफीट जमीन में अवैध निर्माण कर रखा था। जमीन की कीमत लगभग 10 करोड़ है। आरोपी ने इस पर दो करोड़ की लागत से 4 दुकान, ऊपर रहवासी मकान और बगल में गोदाम का निर्माण किया था।

माफिया विरोधी अभियान के तहत हुई कार्रवाई

रविवार 26 सितंबर को ही शराब माफिया और फड़बाज टिंकू सोनकर के करोड़ों के मकान को तोड़ दिया था। बुधवार सुबह सीएसपी अखिलेश गौर, डीएसपी अपूर्वा किलेदार, डीएसपी मधुकर चौकीकर सहित 8 टीआई और लाइन के लगभग 60 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा नगर निगम अतिक्रमण विभाग की 30 लोगों की टीम सागर बोरकर की अगुवाई में जेसीबी और पोकलेन के साथ पहुंची थी। सुबह 8.30 बजे से कार्रवाई शुरू हुई और 11 बजे तक तोड़ दिया गया।