भतीजे चिराग का आमंत्रण चाचा पारस ने किया स्वीकार, दोनों में दूरी कम होने को लेकर यह दिया जवाब
पटना. केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने कहा है कि 12 सितंबर को राम विलास पासवान (Ram Vilas paswan) के बरसी कार्यक्रम में वे शामिल होंगे. पारस ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि बड़े भैया के पुण्य प्रताप से ही मैं इस पद पर हूं. उन्होंने कहा कि चिराग पासवान (Chirag Paswan) अगर निमंत्रण देने नहीं आते तो भी मैं बरसी कार्यक्रम में पटना में शामिल होता. लोजपा नेता (LJP Leader) ने कहा कि 8 अक्टूबर को पहली पुण्यतिथि के मौके पर चिराग पासवान को भी मैं निमंत्रण दूंगा.
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर को पशुपति पारस पटना में पहली पुण्यतिथि मनाएंगे. लेकिन चाचा -भतीजा के बीच दूरी कम होने के सवाल पर पशुपति पारस ने साफ जवाब दिया और कहा कि परिवार का मामला अलग है, लेकिन राजनीति का मामला अलग है. परिवार और राजनीति को आपस में नहीं जोड़िए.
पशुपति कुमार पारस ने रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग की है.
उन्होने कहा कि बिहार सरकार कैबिनेट से पास करे और प्रधानमंत्री को पत्र लिखे कि रामविलास पासवान जी को भारत रत्न दिया जाय. इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी वे मुलाकात करेंगे. उनकी दूसरी मांग है कि जिस पार्टी कार्यालय में पटना में 31 सालों तक रामविलास पासवान का संबन्ध रहा है और पटना जाने पर जहां रुकते थे, उसे सरकार राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे. तीसरी मांग है कि हाजीपुर से 1977 से उनका संबंध रहा है, इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पारस ने मांग की है कि हाजीपुर के किसी सरकारी भवन में बड़ी प्रतिमा लगाई जाए.
दिल्ली में 12 जनपद पर प्रतिमा लगाए जाने और रामविलास पासवान स्मृति का बोर्ड लगाए जाने पर पशुपति पारस ने कहा कि देश में जितने भी बड़े बड़े नेता पैदा लिए उनके नाम से स्मारक बना है .इसलिए प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि दिल्ली में जगह जो भी हो रामविलास पासवान जी के नाम पर स्मारक बनना चाहिए.