भूकंप से कांपी असम की धरती, उत्तरी बंगाल तक महसूस हुए झटके, दहशत के मारे घर से बाहर निकले लोग

गुवाहाटी. असम में सोमवार दोपहर रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप दोपहर 1.13 बजे आया, जिसका केंद्र पश्चिम असम के कोकराझार में 10 किमी की गहराई पर था. यह स्थान मेघालय के तुरा से 90 किमी उत्तर में था. भूकंप का झटका इतना तेज था कि पश्चिमी असम और उत्तरी पश्चिम बंगाल के जिलों में लोग दहशत से अपने घरों से बाहर निकल आए.

राहत की बात यह है कि भूकंप की वजह से किसी के हताहत होने या किसी संपत्ति के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. आपको बता दें कि पूर्वोत्तर उच्च भूकंपीय क्षेत्र में है, जिसके कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं.

इससे पहले 16 जुलाई और 7 जुलाई को भी असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक 16 जुलाई को आए भूकंप के झटके सुबह आठ बजकर 39 मिनट पर महसूस किए गए और इसका अधिकेंद्र मध्य असम के नगांव में था, जबकि भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी. बुलेटिन के अनुसार भूकंप तेजपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट में उत्पन्न हुआ था.

इसी तरह, असम में 7 जुलाई की सुबह आए 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके पड़ोसी राज्य मेघालय और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों के साथ साथ बांग्लादेश तक महसूस किए गए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर आया था, जिसका केंद्र लोअर असम के गोलपाड़ा में 14 किमी की गहराई पर था.

भूकंप मेघालय में तुरा के 71 किमी दूर उत्तरी हिस्से में आया था और इसके झटके राज्य में भी महसूस किए गए थे. भूकंप के झटके अलीपुरदुआर और जलपाईगुड़ी समेत पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भी महसूस किए गए थे. बांग्लादेश में स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक ढाका, गाईबांधा, बोगरा और राजशाही आदि हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.