आईएमए चुनाव में -प्रियंवदा भसीन 84 मतों से कुसुमलता से जीतीं
ग्वालियर. 10 साल बाद मतदान प्रक्रिया से हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जिला अध्यक्ष पद पर डॉ. प्रियंवदा भसीन ने 84 वोट से जीत दर्ज कराई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर डॉ. अनुपम ठाकुर, डॉ. नितिन जैन और डॉ. सुष्मिता मूंगी विजयी हुईं। उपाध्यक्ष के लिए ताल ठोक रहे डॉ. सुनील शर्मा महज एक वोट से हार गए।
शुक्रवार को हुए मतदान में डॉ. प्रियंवदा भसीन को 396 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी डॉ. कुसुमलता सिंघल को 312 मिले। सचिव पद पर डॉ. प्रशांत लहरिया और कोषाध्यक्ष डॉ. ज्योति उपाध्याय निर्विरोध चुनी गई। शुक्रवार को आईएमए के जिला अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। इसमें कुल 708 वोट डले और रात 10 बजे तक परिणाम भी सामने आ गए। इसी चुनाव में वर्ष 2022-23 के लिए आईएमए अध्यक्ष के रूप में डॉ. राहुल सप्रा को चुना गया।
दो गुटों में बंट गया था आईएमए
आईएमए की जिला इकाईयां डॉक्टरों के अधिकारों के लिए कार्य करती है। तकरीबन डेढ साल पहले आईएमए की जिला इकाई बेपटरी की स्थिति में आ गई थी। आईएमए के तत्कालीन अध्यक्ष ने शहर के एक डॉक्टर के अस्पताल पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पद छोड़ दिया था जिसके बाद डॉ. सुनील अग्रवाल को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से ही आईएमए में अगले साल के लिए निर्वाचित अध्यक्ष का पद अटक गया था तभी आईएमए मे विरोधी स्वर उठने लगे थे। आईएमए की प्रदेश कार्यसमिति ने स्थानीय समिति को भंग कर दिया था। इधर स्थानीय समिति ने प्रदेश कार्यसमिति की बात को दरकिनार करते हुए आईएमए का चुनाव कराया और अध्यक्ष चुना इसके बाद स्थानीय स्तर पर आईएमए दो गुटों में काम करने लगी और चुनाव कराने पर जोर आजमाइश हुई। चुनाव की घोषणा होने के बाद अपने-अपने प्रत्याशी तैयार किए गए। एक गुट से डॉ. पुरेंद्र भसीन की पत्नी डॉ. प्रियंवदा भसीन को खड़ा किया गया जबकि दूसरे गुट से डॉ. कुसुमलता सिंघल को समर्थन मिला। पिछले दो साल से जमी स्थानीय कार्यसमिति को इस चुनाव में हार मिली। डॉ. प्रियंवदा के अध्यक्ष बनने से डॉक्टरों का मत है अब एसोसिएशन में गुटबाजी पर विराम लगेगा।