ग्वालियर से कड़ी सुरक्षा में सिंधिया दिल्ली रवाना, ग्वालियर से मुरैना रूट पर 70 पुलिस जवान व अफसरों की सुरक्षा में रवाना किया

ग्वलियर में बाढ़ पीड़ितों का दर्द बांटने आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार सुबह सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। पिछली बार जैसी चूक न हो, इसलिए सिंधिया के काफिले को ग्वालियर से मुरैना तक रूट पर 70 के लगभग पुलिस जवान और अफसरों की सुरक्षा में रवाना किया गया है। मुरैना की सीमा में दाखिल होते ही चुस्ती फुर्ती से मुरैना पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के वाहन की पायलटिंग शुरू कर दी। पिछली बार सिंधिया के ग्वालियर प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा में बड़ी चूक नजर आई थी। मुरैना से ग्वालियर के बीच करीब 7 किलोमीटर तक ग्वालियर-चंबल पुलिस के जवान और अफसर एक अन्य कार को पायलटिंग करते रहे थे। जिस पर 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए थे। पर इस बार ऐसा नहीं दिखा। सिंधिया के आने से लेकर जाने तक 3 दिन कड़ी सुरक्षा दी गई थी। इसके पीछे एक वजह श्योपुर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ हुई घटना को माना जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों ने केंद्रीय मंत्री की गाड़ी पर कीचड़ फेंक कर प्रदर्शन किया था।

महल से लेकर निरावली तक कड़ी सुरक्षा

केंद्रीय मंत्री के रवाना होने के समय कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन करने की आशंका थी। रविवार को भी तीन लोगों को पुतला दहन से पहले रोका था। सुरक्षा में कोई कोताही ना हो, इसके लिए पुलिस कप्तान अमित सांघी के निर्देश पर उनके कारकेड सहित सड़क मार्ग पर करीब 70 से ज्यादा पुलिस जवान और अफसर तैनात किए थे। इसमें 4 सीएसपी, 6 इंस्पेक्टर, 6 सब इंस्पेक्टर के साथ ही एएसपी और जवान शामिल थे।

जाते समय यह दिए निर्देश

दिल्ली रवाना होने से पहले केंद्रीय मंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को राहत कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए साथ ही प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों की जानकारी उनका देने की बात कही, जिससे राहत कार्यों में किसी तरह की चूक ना होने पाए। इस अवसर पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी राहत कार्यों की जानकारी समय-समय पर अपडेट करने को कहा।