150 नक्सलियों पर भारी पड़े 46 जवान, डेढ़ घंटे चली मुठभेड़, नक्सली नदी की आड़ लेकर भागे
बीजापुर. छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से सेना के जवान किस तरह लड़ते है इसका एक बड़ा मामला सामने आया है, बीजापुर जिले के गलगम में नक्सलियों और जवानों में मुठभेड़ हुई, खास बात यह है कि 46 सीआरपीएफ जवान डेढ़ घंटे तक 150 से ज्यादा नक्सलियों से लड़ते रहे। इस दौरान नक्सली जवानों की जवाबी फायरिंग के बाद नदी की आड़ लेकर मौके से भाग निकले। मुठभेड़ में सीआरपीएफ 196 बटालियन का जवान मिथिलेश घायल हो गए। मिथिलेश को मुठभेड़ के दौरान कमर में बुलेट शॉट लगी। मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान बीजीएल बरामद किया गया।
तीन नक्सलियों के मारे जाने की सूचना
वहीं बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने मुठभेड़ में 3 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया है, एसपी के अनुसार नक्सली जहां से मोर्चा संभाले थे वहां भारी मात्रा में खून के धब्बे मिले हैं। वहीं एक गांव का आम नागरिक नडपल्ली निवासी कट्टम सोमा के पैर के पास बीजीएल फट गया जिससे उससे घुटने का निचला हिस्सा बुरी तरह जख्मी हो गया। ऑपरेशन कर घुटने के निचले हिस्से को काटना पडा।
नक्सलियों ने अचानक की फायरिंग
सीआरपीएफ अधिकारी आशीष दुबे ने बताया कि हमारी फोर्स रोजाना इलाके में सर्चिंग करने निकलती है, बीजापुर जिले के गलगम और उसूर के बीच नडपल्ली नयापारा में पुल का निर्माण किया जा रहा है, नक्सली इस पुल को नुकसान न पहुंचा सके इसलिए यहां पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि इसी दौरान 150 से ज्यादा नक्सलियों ने सुरक्षा में तैनात जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग खोल दी जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। भारी बारिश के बीच दोनों तरफ से करीब डेढ़ घंटे तक जमकर फायरिंग होती रही।
डेढ़ घंटे तक संभाला मोर्चा
इस दौरान नक्सली लोकल हैंडग्रनेड, बीजीएल (बेरेल ग्रेनेड लॉन्चर) की बौछार जवानों पर कर रहे थे। ताबड़तोड़ फायरिंग के साथ नक्सली टेकुलगुडम मुठभेड़ को दोहराने की कोशिश में थे। नक्सली घटना और मौजूदगी की आशंका के मद्देनजर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सीआरपीएफ जवानों ने भी जमकर जवाबी कार्रवाई करते डेढ़ घंटे तक मोर्चा संभाल रखा था।