खुश खबरी-केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17 % से बढ़ाकर 28 % किया, 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनर्स को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली. केन्द्र की मोदी सरकार ने बढ़ती महंगाई और कोराना महामारी के दौरान केन्द्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है और सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता यानी डीए 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक अफेयर (सीसीईए) ने बुधवार को इस पर मुहर लगा दी है और इसका औपचारिक ऐलान होना शेष हे। इस फैसले से 50 लाख से अधिक कर्मचारियों को 61 लाख पेंशनर्स को लाभ होगा। इससे पहले कोरोना महामारी की वजह से कर्मचारियों और पेंशनर्स को डीए बढ़ाने पर जून 2021 तक रोक लगाई थी और ऐसे में ताजा फैसले से उन्हें लाभ होगा। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को डीए की 3 किश्तें मिलनी बाकी है। यह किश्तें 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 को दी जानी चाहिये थी।

क्या है महंगाई भत्ता

महंगाई भत्ता सैलरी का एक हिस्सा है यह कर्मचारी के बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है। देश में महंगाई के असर को कम करने के लिये सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है। रिटायर्ड कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलता है। सरकार ने बुधवार को जून के थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए। इनके मुताबिक, जून में होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) घटकर 12.07% पर आ गई, जो मई में लगातार 5वें महीने बढ़कर रिकॉर्ड 12.94% पर पहुंच गई थी। वहीं, जून 2020 में थोक महंगाई दर 1.81% थी। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुताबिक जून में थोक महंगाई दर 12% से ज्यादा होने की सबसे बड़ी वजह मिनरल ऑयल का महंगा होना है। इसमें पेट्रोल, डीजल, नेफ्ता समेत जेट फ्यूल शामिल हैं। इसके अलावा मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट जैसे बेसिक मेटल और फूड प्रोडक्ट के भाव भी बढ़े हैं।

खुदरा महंगाई दर लगातार दूसरे माह 6 प्रतिशत से ऊपर पहुंची

देश में महंगाई दर लगातार दूसरे माह भी 6 प्रतिशत से ऊपर दर्ज की गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जून माह में खुदरा महंगाई दर 6.26 प्रतिशत रही जो मई के 6.3 प्रतिशत के स्तर से महज 4 आधार अंक कम हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार जून में फूड बास्केट में महंगाई की दर 5.15 प्रतिशत दर्ज की गयी है जो मई माह में 5.01 प्रतिशत थी।