मंत्री पद चार, दावेदार कब तक करें इंतजार
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सामने कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से उलझन है। मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट में कुल 31 सदस्य है कुल 4 पद खाली है जिसके लिए टकटकी लगाने वालों में शिवराज के पूर्व मंत्रियों के अलावा वरिष्ठ नेता भी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता निगम-मंडलों में ताजपोशी के लिए बेसब्री बताए जा रहे है।
2018 के चुनाव के बाद गठित हुई 15वीं विधानसभा का ढाई साल का कार्यकाल बीत चुका है। अगली चुनावी तैयारियों के लिहाज से दो साल शेष है। ऐसे में दावेदार कैबिनेट में दाखिल होने में देरी नहीं चाहते। आधे कार्यकाल के बाद मंत्री रहते हुए इमरती देवी, गिर्राज डंडौतिया और एंदल सिंह कंसाना हार गए। तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने बिना विधायक बने 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। जनवरी में सिलावट और राजपूत की कैबिनेट में वापसी पुरानीे विभागों की जिम्मेदारी के साथ हो गई जबकि पहले से रिक्त चल रहे एक पद के साथ तीन हारे हुए मंत्रियों के पद भी खाली हो गए।
अब इन चार पदों को लेकर गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, राजेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र पटवा, पारस जैन, करण सिंह वर्मा, महेंद्र हार्डिया, सीतासरन शर्मा और सबसे लंबे समय तक प्रोटेम स्पीकर रहे रामेश्वर शर्मा के नाम चर्चाओं में है। असंतोष की आशंका से बचने के चलते सत्ता-संगठन चार नामों पर अंतिम फैसले को लेकर विस्तार से ही कतरा रहा है।