महंगाई के विरोध पर पिटे कांग्रेसी निगम घेरने पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस ने पीटा, महिलाओं पर पानी की बौछारें छोड़ी, 20 लोग चोटिल

सड़क, बिजली, पानी और महंगाई के विरोध में सोमवार दोपहर नगर निगम कार्यालय घेरने पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जब महिलाओं ने मोर्चा संभाला तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी।

भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने डंडे भी चलाए। इसमें 15 से 20 लोगों को चोटें आई हैं। नाराज कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की। करीब एक घंटे तक यह हंगामा चला।

प्रदेश में लगातार घरेलू गैस सिलेंडर, पेट्रोल महंगा हो रहा है। सड़कों की हालत खराब है। नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइट की जिम्मेदारी है, लेकिन लाइट्स नहीं जलती हैं। इस कारण महिलाओं के साथ वारदातें बढ़ रही हैं। लगातार हो रही घटनाओं पर कांग्रेस ने दोपहर में नगर निगम दफ्तर पर हल्ला बोल प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन कांग्रेस नेत्री रश्मि पवार के नेतृत्व में रखा गया था। बताया गया था कि नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस जंगी प्रदर्शन करेगी।

100-150 कार्यकर्ता पहुंचे थे

तय कार्यक्रम के दौरान 100 से 150 कार्यकर्ता रश्मि पवार के नेतृत्व में नगर निगम दफ्तर की ओर बढ़े, लेकिन दफ्तर से 100 मीटर दूर तरण पुस्कर के पास ही पुलिस ने बैरीकेड्स लगा दिए थे। बैरीकेड्स देखकर कांग्रेसी बौखला गए। पहले रास्ता रोकने पर बहस हुई। इसके बाद कांग्रेसियों ने बैरीकेड्स को धक्का देकर आगे जाने का प्रयास किया।

पुलिस ने समझाया, लेकिन कांग्रेसी बैरीकेड्स पर चढ़कर आगे जाने लगे। इस पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। किसी ने बहस की तो उसे हिरासत में ले लिया गया। उस समय तो कांग्रेसी भाग गए, लेकिन पांच मिनट बाद फिर एकत्रित हो गए।

इस बार महिला नेता और कार्यकर्ता आगे थीं। जब महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता बैरीकेड्स पर चढ़ीं तो पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया। पानी की तेज धार से लोग इधर-उधर गिरने लगे।