जिला अस्पताल मुरार को 500 और थाटीपुर डिस्पेंसरी को 30 बिस्तर का किया जाएगा

जिला अस्पताल मुरार को 200 बिस्तर से 500 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा। यहां 300 बिस्तर की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शासन को भेजे गए 6 करोड़ 4 लाख रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही 6 बिस्तर के थाटीपुर डिस्पेंसरी का उन्नयन कर 30 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा। ये बात राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रविवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण के उपरांत आयोजित बैठक में कही।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अफसरों से बोले- आपको 20 पलंग का आईसीयू बनाने का पैसा भेजा गया था, उसका उपयोग कर नहीं पाए और पैसा वापस चला गया। यह सुनकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम अस्पताल भवन में ही आईसीयू बनाना चाहते थे, लेकिन पूर्व विधायक चाहते थे कि आईसीयू के लिए अलग भवन बनाया जाए और नवीन निर्माण की मंजूरी नहीं थी। इस कारण आईसीयू नहीं बन पाया।

सिविल सर्जन डॉ. डीके शर्मा ने अस्पताल को 200 से 500 बिस्तर का बनाने की बात कही। डॉ. शर्मा ने कहा कि 6 वर्ष पूर्व अस्पताल में पलंग बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन मंजूर न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका।

सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने थाटीपुर डिस्पेंसरी को 6 पलंग से 30 पलंग करने का प्रस्ताव रखा। सिविल सर्जन ने डॉक्टराें के खाली पद के कारण आ रही परेशानी को रखा। इस पर श्री सिंधिया ने कहा कि वर्तमान में जिला अस्पताल और थाटीपुर डिस्पेंसरी के बेड बढ़ाना और डॉक्टरों के खाली पद भरना ज्यादा जरूरी है।

इसलिए यह कार्य पहले किए जाएंगे, ताकि मरीजों को लाभ मिल सके। कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिला अस्पताल परिसर में पूर्व से स्वीकृत 90 लाख रुपए की राशि से आयुष विंग भवन निर्माण के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है, जिस पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। बैठक से पहले श्री सिंधिया और स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया और पूर्व मंत्री माया सिंह उपस्थित थी।

बैठक में यह भी हुई चर्चा

जिला अस्पताल में स्व. माधवराव सिंधिया की मूर्ति लगेगी।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र के प्रथम एवं द्वितीय तल का निर्माण 1.36 कराेड़ की लागत से बनेगा।
जिला अस्पताल के वार्डों में एसी लगाने के लिए 40 लाख का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
कलेक्टर ने सिविल सर्जन से कहा- दूसरों की भी सुना करो

बैठक में सिविल सर्जन ने मेडिसिन और सर्जरी के डॉक्टरों की कमी होने की बात कही तो स्वास्थ्य मंत्री बोले- एमडी मेडिसिन डॉक्टर एक और अभी मुरैना से दिया है। फिर कमी कैसे। सिविल सर्जन ने डॉक्टरों की कमी के बारे में विस्तार से बताया। मंत्री नाराजगी भरे लहजे में बोले आपके मेडिकल ऑफिसर में एमडी नहीं है क्या? सीएमएचओ ने कहा, इन इन तीनों में एक मेडिकल ऑफिसर भी शामिल है। बैठक खत्म होने के बाद कलेक्टर सिविल सर्जन को समझाते हुए बोले दूसरों की भी बात सुना करो।