शिवराज सरकार को अस्थिरता का हवाला देकर कांग्रेस ने राज्यपाल को चिट्ठी लिख दखल देने की मांग की

भोपाल. कार्यकाल से पहले ही शिवराज सरकार गिरने का दावा करने वाली कांग्रेस ने अब सरकार में अस्थिरता का हवाला देकर इस मामले में राज्यपाल से दखल की मांग की है। इस संबंध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक चिट्ठी भी लिखी है जिसमें सरकार द्वारा लिए जा रहे नीतिगत फैसलों के बारे में जवाब तलब करने की मांग की गई है। इस चिट्ठी में कांग्रेस ने हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए मंत्रियों द्वारा की गई घोषणाओं पर सवाल खड़े किए है।
राज्यपाल को लिखी चिट्ठी में इन घटनाओं का जिक्र

पशुपालन मंत्री ने चिकन दुकाने बंद करने का ऐलान किया उसी दिन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने फैसला पलटते हुए कहा कि दुकाने बंद नहीं होंगी।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने मंडी में पेट्रोल पंप और मॉल खोलने का फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बगैर ले लिया। महीने भर बाद किसान क्लीनिक की घोषणा कर दी, पहली घोषणा का क्या हुआ उन्हें पता नहीं।

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में फिल्म सिटी का ऐलान कर दिया जबकि गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान कर रहे थे।
कोरोना टीकाकरण के दिन जेपी अस्पताल में हरिदेव यादव को पहला कोरोना टीका लगाने का वादा किया। सीएम शिवराज ने स्वास्थ्य मंत्री का फैसला पलटकर कार्यक्रम ऐन वक्त पर हमीदिया अस्पताल शिफ्ट कर दिया।