कांग्रेस ने बीजेपी मुख्यालय के बाहर दिया धरना, बोली-सुप्रीम कोर्ट का आदेश मंजूर, पर जांच कमेटी में शामिल हों किसान

कृषि कानून को लेकर चले आ रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को कांग्रेस ने भी बीजेपी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया है। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कृषि कानून पर अपने विचार रखकर केन्द्र की भाजपा सरकार की आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट के कृषि कानून पर अगले आदेश तक रोक लगाने और इस विवाद को सुलझाने के लिए कमेटी बनाने के फैसले का कांग्रेसियों ने स्वागत किया है। पर जांच कमेटी में रिटायर्ड जज के साथ किसानों को भी शामिल करने की मांग की है।

केन्द्र सरकार तीन कृषि कानून को लेकर अब घिर चुकी है। किसान आंदोलन के जरिए केन्द्र की भाजपा सरकार को कांग्रेस भी पूरी तरह घेर चुकी है। अब कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहती है। पूरे देश के साथ-साथ ग्वालियर में भी कई संगठन किसान आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस लगातार किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है। मंगलवार को भाजपा मुख्यालय के बाहर कांग्रेस ने धरना दिया है। जिसमें कांग्रेस के विधायक प्रवीण पाठक, विधायक सतीश सिकरवार, जिला अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा के अलावा अन्वय रिष्ठ नेता शामिल हुए हैं। इसके साथ ही भारतीय किसान संघ और सीटू के कार्यकर्ता लगातार फूलबाग पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रतिक्रिया

-कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहर देवेन्द्र शर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सर आंखों पर है। उसे न मानने का सवाल ही नहीं उठता, लेकिन कानून के संबंध में फैसला करने जो कमेटी बनाई जाएगी उसमें रिटायर्ड जज के साथ आंदोलन कर रहे किसानों को जरूर शामिल किया जाए।

- इसी के साथ भारतीय किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारी अखिलेश यादव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सही फैसला लिया है। अब कमेटी में किसानों, रिटायर्ड जज को शामिल करें। जिससे इस समस्या का हल निकल सके।