प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी।