2 अक्टूबर से FASTag के नियमों में कि केन्द्र सरकार ने किया बदलाव, 5 वर्षो तक रहेगी वेलिडेटिज

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने दिव्यांगजनों के फास्टटैग के नियमों में बदलाव किया है। हाईवे पर टोल प्लाजा से गुजरने वाले दिव्यांगजनों के लिये बदलाव करते हुए अब टोल प्लाजा छूट वाला FASTag हर वर्ष रीन्यू कराने की आवश्यकता नहीं होगी। नये नियम के मुताबिक FASTag की वैधता दिव्यांगता के आधार पर तय की जायेगी। यानी कि दिव्यांगता जितनी अधिक होगी फॉस्ट टैग की वैधता उतनी ही लम्बी होगी। केन्द्र सरकार ने नयी व्यवस्था 2 अक्टूबर 2026 यानी कि आज लागू हो गयी है।
केन्द्र सरकार ने दिव्यांगजनों और पर्सन विद डिसैबिलिटीज यानी पीडब्ल्यूडी के लिये जारी किये जाने वाले एक्सेम्पटेड फॉस्ट टैग के नियमों में दिलाव किया है। पहले दिव्यांगजन को टोल छूट वाले फास्ट टैग को हर वर्ष रीन्यू कराना पड़ता था। लेकिन नयी व्यवस्था में इस प्रोसेस को सरल किया गया है। अब फॉस्ट टैग की वैलिडिटीज डिसैबिलिटी सर्टिफिकेट, यूनि डिसैबिलिटी आईडेंटिटी कार्ड या अन्य दस्तावेजों में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार तय की जायेगी।
किन वाहनों को मिलेगा टोल छूट वाला FASTag
ऐसा नहीं है कि, ये छूट वाला FASTag हर तरह के वाहनों के लिए जारी किया जाता है. नए नियम दिव्यांगजन और PwD लाभार्थियों से जुड़े पात्र वाहनों पर लागू होंगे. इसमें ऐसे वाहन शामिल हैं, जिन्हें शारीरिक दिव्यांगता वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए खास तौर पर डिजाइन और तैयार किया गया है. इसके अलावा ‘Divyangjan’ ओनरशिप कैटेगरी में रजिस्टर्ड वाहन भी इस नियम के दायरे में आएंगे.
सरकार ने क्यों बदले FASTag के नियम
पुराने व्यवस्था में हर साल FASTag रिन्यू कराने की जरूरत होने के कारण पात्र लाभार्थियों को बार-बार दस्तावेज और प्रोसेस पूरी करनी पड़ती थी. इससे कई बार लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामाना करना पड़ता था. ख़ासतौर वो दिव्यांगजन जो स्वयं इस प्रोसेस को पूरा करते थे. नया नियम इसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है. अब दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर 3 साल या 5 साल की वैलिडिटी मिलने से लाभार्थियों को बार-बार रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी.