VISM के फार्मेसी विभाग में 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का हुआ सफल आयोजन

ग्वालियर– VISM ग्रुप आफ स्ट्डीज़ के अंतर्गत संचालित जय इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च महाविद्यालय में 17 से 23 सितंबर तक 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजन किया गया। जिसका आज समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वक्ता के रूप में जीवाजी विश्वविद्यालय, फार्मेसी विभाग, असि. प्रोफेसर, डाॅ. राजेन्द्र चौहान, उपस्थित रहें। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को दवाओं के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। फार्माकोविजिलेंस आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, किसी भी दवा के उपयोग के दौरान होने वाली प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की समय पर पहचान, उसका दस्तावेजीकरण एवं रिपोर्टिंग मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सप्ताहभर विभिन्न शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के ज्ञान और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देने के लिए निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, व्हीआईएसएम हाॅस्पिटल विजिट जैसी अन्य कार्यक्रम आयोजित किये गये। हाॅस्टिपल विजिट के माध्यम से विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली तथा मरीजों की देखभाल के दौरान दवाओं के सुरक्षित उपयोग से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान खुशी साहू, बीफार्मा तृतीय वर्ष एवं शिवानी जाटव, बीफार्मा, द्वितीय वर्ष, द्वितीय स्थान पर सोनिया रावत, बीफार्मा, तृतीय वर्ष व तृतीय स्थान पर नैन्सी राठौर बीफार्मा द्वितीय वर्ष रहें। वही भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वैष्णवी राजपूत बीफार्मा द्वितीय वर्ष व द्वितीय स्थान पर कुलदीप रावत बीफार्मा द्वितीय वर्ष एवं तृतीय स्थान पर देव साहू बीफार्मा तृतीय वर्ष रहें। सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुनील राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए दवाओं का तर्कसंगत उपयोग अत्यंत आवश्यक है। फार्माकोविजिलेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाकर हम दवाओं के संभावित जोखिमों को कम करने और मरीजों को अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं। इस मौके पर संस्थान की चेयरपर्सन सरोज राठौर, ग्रुप निदेशक डाॅ. प्रज्ञा सिंह, सहित फार्मेसी महाविद्यालय के प्राचार्य व स्टाॅफ मौजूद रहें।