ग्वालियर में जहरीला फल खाने से मचा हड़कंप, 13 बच्चों को अस्पताल में कराया भर्ती

मुरार ब्लॉक के सिरसौद गांव में रविवार शाम 10 बच्चों की रतनजोत का फल खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। बच्चे भागवत कथा और भंडारे से लौट रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे रतनजोत का पौधा देखकर उन्होंने उसके फल को ड्राईफ्रूट समझ लिया और आपस में बांटकर खा लिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने लगे। परिजन सभी बच्चों को जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे। वहां से उन्हें जयारोग्य अस्पताल समूह के कमला राजा अस्पताल रेफर किया गया। 8 बच्चों को कमला राजा अस्पताल के पीआईसीयू और 2 को न्यू जेएएच के आईसीयू में भर्ती किया गया है। गांव से तीन और बच्चों को अस्पताल लाए जाने की जानकारी है। पीआईसीयू में पूजा (11), आरती (9), दीक्षा (12), प्रवीण (10), दिव्या (8), सुमित (8), गौरव (5) और तनु (9) भर्ती हैं। हरिओम (15) और सेजल (14) को गंभीर स्थिति के चलते न्यू जेएएच के आईसीयू में रखा है।
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. घनश्याम दास के मुताबिक, रतनजोत का फल जहरीला होता है। इसे खाने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिसके कारण उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या होती है। बच्चों के जहरीला फल खाने की सूचना मिलते ही प्रो. डॉ. घनश्याम दास कमला राजा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों की टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परिजनों का कहना है कि जब वे बच्चों को लेकर जिला अस्पताल मुरार की इमरजेंसी में पहुंचे तो प्राथमिक उपचार देने के बजाय सभी को कमला राजा अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनका कहना है कि बच्चों की हालत बिगड़ी हुई थी, ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जाता तो उन्हें तत्काल राहत मिल सकती थी। हालांकि, जिला अस्पताल की ओर से इस आरोप पर अभी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।